Lucknow में नियमों की अनदेखी करने वाले 71 संस्थान सील, 83 को नोटिस; अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA का बड़ा एक्शन

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर भर में उन संस्थानों पर शिकंजा कसा है जो नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे। बुधवार

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर भर में उन संस्थानों पर शिकंजा कसा है जो नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे। बुधवार को चलाए गए एक बड़े अभियान में 71 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया और 83 अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

यह पूरी कार्रवाई 22 जून को अलीगंज में लगी उस भीषण आग के बाद शुरू हुई है जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे ने शहर के कई कोचिंग सेंटर्स और कमर्शियल बिल्डिंग्स की पोल खोल दी। जांच में सामने आया कि जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, वह रिहायशी इस्तेमाल के लिए बनी थी लेकिन उसे अवैध रूप से मल्टी-स्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया था। इस मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया है कि यह अभियान अगले तीन हफ्तों तक जारी रहेगा। टीम मुख्य रूप से फायर सेफ्टी, बिल्डिंग मैप और इमरजेंसी एग्जिट की जांच कर रही है। गोमती नगर, कानपुर रोड, कृष्णा नगर और हजरतगंज जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। इसमें एलन, आकाश इंस्टीट्यूट, अनएकेडमी, फिजिक्स वाला, महिंद्रा कोचिंग, मोशन और ग्रेविटी जैसे कई बड़े कोचिंग सेंटर्स के साथ-साथ लाइब्रेरी, डांस स्टूडियो, प्लेग्रुप स्कूल, नर्सिंग होम और होटल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को एक बड़ा सबक बताया है और पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर और नर्सिंग होम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही, यूपी कोचिंग रेगुलेशन एक्ट 2002 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन चलाने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रशासन ने इस मामले में अपनी ही लापरवाही पर भी नजर डाली है। अलीगंज बिल्डिंग को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में 19 इंजीनियरों और 6 पीसीएस अधिकारियों समेत कुल 25 LDA अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। अलीगंज वाली बिल्डिंग के अवैध हिस्से को गिराने के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की गई है, यदि मालिक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया तो उसे ढहा दिया जाएगा।