Lucknow में ‘लाक्षागृह’ बनी अवैध इमारत पर चला बुलडोजर, अब मालिक से वसूले जाएंगे 26 लाख रुपये
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में जिस अवैध इमारत को ‘लाक्षागृह’ कहा गया, उसे गिराने में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का काफी खर्च आया है। प्रशासन ने अब इस ध्वस्तीकरण के कुल खर्च 26,14,212 रुपये की वसूली के ल
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में जिस अवैध इमारत को ‘लाक्षागृह’ कहा गया, उसे गिराने में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का काफी खर्च आया है। प्रशासन ने अब इस ध्वस्तीकरण के कुल खर्च 26,14,212 रुपये की वसूली के लिए बिल्डिंग मालिक को रिकवरी नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।
यह पूरी कार्रवाई उस दर्दनाक हादसे के बाद हुई, जिसमें 22 जून 2026 को इस अवैध बिल्डिंग में भीषण आग लगी थी। इस अग्निकांड में 15 बच्चों की जान चली गई थी। हादसे के बाद जब जांच हुई, तो पता चला कि इमारत पूरी तरह अवैध थी और यहां अग्निशमन सुरक्षा के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि कोचिंग सेंटर के लिए बिजली सुरक्षा निदेशालय से ली गई NOC फर्जी थी और इमारत में आपातकालीन निकास का कोई सही रास्ता नहीं था।
प्रशासन ने भवन मालिक को अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद 25 जुलाई 2026 को LDA ने बुलडोजर चलाकर इमारत को जमींदोज कर दिया। अब LDA उपाध्यक्ष के निर्देश पर अभियंत्रण, विद्युत यांत्रिक, सुरक्षा और जनसंपर्क विभागों ने मिलकर इस कार्रवाई का कुल शुल्क 26 लाख 14 हजार 212 रुपये तय किया है।
प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने साफ किया कि नियम विरुद्ध निर्माण को गिराने का खर्च संबंधित पक्ष से वसूलने की नीति पहले से लागू है और इसकी जानकारी नोटिस में भी दी गई थी। अब वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला और अन्य भवन स्वामियों को रिकवरी नोटिस भेजा जाएगा। अगर उन्होंने यह राशि जमा नहीं की, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।