Lucknow में बिना मैप के चल रहे हैं कई कॉमर्शियल प्रतिष्ठान, LDA की जांच में खुली पोल
UP: लखनऊ में व्यावसायिक इमारतों को लेकर LDA ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जांच में सामने आया है कि शहर के कई कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों के पास अपना नक्शा (Map) तक नहीं है। LDA ने ऐसे सभी मालिकों को तीन दिन का समय दिया है, जिस
UP: लखनऊ में व्यावसायिक इमारतों को लेकर LDA ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जांच में सामने आया है कि शहर के कई कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों के पास अपना नक्शा (Map) तक नहीं है। LDA ने ऐसे सभी मालिकों को तीन दिन का समय दिया है, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिना मैप वाली बिल्डिंग्स पर क्या होगी कार्रवाई?
LDA ने शहर के होटल, बैंक्वेट हॉल और अन्य कॉमर्शियल बिल्डिंग्स की जांच की है। इसमें पाया गया कि कई जगह पार्किंग की जगह का इस्तेमाल दुकान या रहने के लिए किया जा रहा है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किया जाए और कुछ मामलों में तोड़फोड़ की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। गोमती नगर, कुर्सी रोड, हरदोई रोड और सीतापुर रोड जैसे इलाकों में विशेष जांच हुई है।
भ्रष्टाचार पर एक्शन और नई तकनीक का इस्तेमाल
अवैध निर्माण को बढ़ावा देने के आरोप में LDA सुपरवाइजर अली नकवी रिज़वी को 11 जून 2026 को सस्पेंड कर दिया गया। उन पर कृष्णनगर मेट्रो स्टेशन के पास अवैध निर्माण के लिए पैसे लेने का आरोप है। अब LDA अवैध निर्माण पकड़ने के लिए ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल कर रहा है। इसके जरिए असली जमीन और सरकारी मैप का मिलान किया जाता है ताकि पता चल सके कि कहां नियम तोड़े गए हैं।
मैप अप्रूवल के लिए नया ऑनलाइन सिस्टम
अब बिल्डिंग प्लान के अप्रूवल के लिए map.up.gov.in पोर्टल शुरू किया गया है। इसमें ‘Fastpass’ सिस्टम के जरिए 100 वर्ग मीटर तक के रिहायशी और 30 वर्ग मीटर तक के कमर्शियल निर्माण का नक्शा तुरंत ऑनलाइन पास हो जाता है। साथ ही, 241 अवैध कॉलोनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, जहां किसी भी तरह के मैप को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
LDA के नए ऑनलाइन मैप सिस्टम का क्या फायदा है?
अब map.up.gov.in पोर्टल के जरिए नक्शे पास होंगे। Fastpass सिस्टम से 100 वर्ग मीटर तक के घर और 30 वर्ग मीटर तक की दुकान का मैप तुरंत अप्रूव हो जाएगा।
क्या रिहायशी प्लॉट को कमर्शियल इस्तेमाल किया जा सकता है?
बिना अनुमति के ऐसा करना गैरकानूनी है। LDA ने 5,103 ऐसी संपत्तियों की पहचान की है जो रिहायशी होते हुए भी कमर्शियल इस्तेमाल हो रही हैं। इन्हें या तो नियमित करना होगा या फिर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई झेलनी होगी।