Lucknow के बड़े होटलों पर LDA का शिकंजा, नक्शे के खिलाफ निर्माण पर लगेगा 73 लाख तक का जुर्माना

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले होटलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के कई बड़े होटलों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपने निर्माण के दस्तावेज

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले होटलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के कई बड़े होटलों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपने निर्माण के दस्तावेज और नक्शे दिखाने को कहा है। अलीगंज में हुई भीषण आग की घटना के बाद प्रशासन अब व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त हो गया है।

ताजा कार्रवाई में LDA ने रेनसा और नोवोटेल होटल को नोटिस भेजा है। इन होटलों पर आरोप है कि इन्होंने स्वीकृत नक्शे के उलट निर्माण कराया है। अगर इन होटलों का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो उन पर करीब 73 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जांच में सामने आया कि रेनसा होटल ने बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के बजाय फूड स्टोरेज, लॉबी और स्टोर के लिए किया है, साथ ही करीब 60 वर्गमीटर जमीन पर अतिक्रमण भी किया गया है। नोवोटेल होटल में भी नक्शे के विपरीत निर्माण की बात सामने आई है।

यह पूरी कार्रवाई 22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी में लगी उस भीषण आग के बाद तेज हुई है, जिसमें 15 बच्चों की जान चली गई थी। इसके बाद LDA ने शहर के 122 होटलों को नोटिस जारी कर अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने का निर्देश दिया था। 30 जून को हुए संयुक्त निरीक्षण में पाया गया कि कई होटलों ने पार्किंग के लिए तय बेसमेंट को बैंक्वेट हॉल, लॉन्ड्री और स्टाफ के रहने के लिए इस्तेमाल किया था।

LDA अध्यक्ष विजय विश्वास पंत और उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं, अलीगंज अग्निकांड से जुड़े भवन मालिक को भी कोर्ट में जवाब देना था, लेकिन उन्होंने एक दिन का समय और मांगा है।

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार ने भवन निर्माण के नियमों में कुछ बदलाव भी किए हैं। नए उपनियमों के मुताबिक, 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी, बस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और 1 रुपये का टोकन शुल्क देना होगा। साथ ही होटल और अस्पताल के लिए अलग से एनओसी लेने का नियम भी खत्म कर दिया गया है।