UP: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके में सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ LDA और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा कर उन्हें प्लॉटिंग के जरिए बेचा गया, जिससे सरकार को 150 करोड़ रुपये
UP: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके में सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ LDA और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा कर उन्हें प्लॉटिंग के जरिए बेचा गया, जिससे सरकार को 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है। इस पूरे खेल में एक व्यक्ति और कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।
कैसे हुआ यह फर्जीवाड़ा और कौन है मुख्य आरोपी
लेखपाल की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, वीके सिंह नाम के व्यक्ति पर आरोप है कि उसने जितनी जमीन खरीदी थी, उससे करीब पांच गुना ज्यादा जमीन दूसरों को बेच दी। धोखाधड़ी के लिए ग्राम खरगापुर की कई गाटा संख्या वाली जमीनों का इस्तेमाल किया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस जमीन को 1993 में ही एक सहकारी समिति को बेचा जा चुका था, उसका दोबारा बैनामा कर दिया गया। इसी फर्जी आधार पर 100 से ज्यादा सेल डीड (विक्रय विलेख) तैयार किए गए, जिनमें से 63 संदिग्ध दस्तावेजों की प्रतियां जुटाई जा चुकी हैं।
सरकारी तालाब और बंजर भूमि पर भी कब्जा
इस घोटाले में सिर्फ LDA की जमीन ही नहीं, बल्कि ग्राम समाज की बंजर जमीन और तालाबों पर भी अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग की गई। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले महीने प्रशासन ने आरोपी के कब्जे वाली करीब एक लाख वर्गफुट सरकारी जमीन पर बुलडोजर चलाया था। इस जमीन की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वर्तमान में गोमतीनगर पुलिस और तहसील प्रशासन अलग-अलग स्तर पर इसकी जांच कर रहे हैं।
LDA और प्रशासन की अब तक की कार्रवाई
LDA वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि अर्जन विभाग की टीम मामले की गहन जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय लेखपाल ने इन फर्जी बैनामों को शून्य घोषित करने और सक्षम न्यायालय में केस दायर करने की सिफारिश की है। यह मामला तब सामने आया है जब LDA ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अपनी वेबसाइट अपडेट की थी, जिससे विभाग के अंदरूनी अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में LDA जमीन घोटाले में कितना नुकसान हुआ है?
इस फर्जीवाड़े के कारण सरकार को 150 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है और करीब 250 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया था।
धोखाधड़ी करने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया?
आरोपियों ने 1993 में बेची जा चुकी जमीन का दोबारा बैनामा कराया और ग्राम समाज की बंजर भूमि व तालाबों पर कब्जा कर 100 से अधिक फर्जी सेल डीड के जरिए प्लॉट बेच दिए।