Lucknow में LDA के JE और सुपरवाइजर रिश्वत लेते गिरफ्तार, IGRS पर शिकायत का डर दिखाकर वसूलते थे पैसे

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार का एक बड़ा खेल सामने आया है। यहाँ एक संगठित गिरोह लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। विजिलेंस की टीम ने इस मामले में छापेमारी कर तीन लोगों को रंगे हाथों गिर

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार का एक बड़ा खेल सामने आया है। यहाँ एक संगठित गिरोह लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। विजिलेंस की टीम ने इस मामले में छापेमारी कर तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिनमें LDA का एक जूनियर इंजीनियर और एक सुपरवाइजर भी शामिल हैं।

यह पूरा मामला IGRS पोर्टल से जुड़ा है। गिरोह के लोग पहले किसी व्यक्ति के निर्माणाधीन मकान या बिल्डिंग के खिलाफ IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते थे। इसके बाद आरोपी उस व्यक्ति को डराते थे कि अगर पैसे नहीं दिए तो कार्रवाई होगी और काम रुकवा दिया जाएगा। इसी डर का फायदा उठाकर वे लोगों से रिश्वत मांगते थे।

इस बार एक शिकायतकर्ता से पहले 15 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में यह सौदा 7.50 लाख रुपये में तय हुआ। जैसे ही आरोपियों ने यह रकम ली, विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में JE दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और एक प्राइवेट व्यक्ति श्रवण कुमार शामिल हैं। श्रवण कुमार पर शिकायत दर्ज कराने और बीच-बचाव करने का आरोप है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने JE दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि LDA में यह खेल काफी समय से चल रहा था और कुछ अन्य कर्मचारी और दलाल भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

विजिलेंस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी काम के बदले पैसे मांगता है, तो वे भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।