Lucknow LDA के JE और सुपरवाइजर 7.50 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, NRI कारोबारी से मांगी थी घूस

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। विजिलेंस की टीम ने शनिवार को एक जेई, सुपरवाइजर और एक बिचौलिए को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रव

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। विजिलेंस की टीम ने शनिवार को एक जेई, सुपरवाइजर और एक बिचौलिए को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रवाई एक NRI कारोबारी की शिकायत पर की गई, जिसे अधिकारियों ने बुलडोजर चलाने की धमकी देकर पैसे वसूलने की कोशिश की थी।

मामला एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स से जुड़ा है। कारोबारी के मुताबिक, उसके कॉम्प्लेक्स के खिलाफ IGRS पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज हुई थी। इस शिकायत को रफा-दफा करने और निर्माण कार्य पर कोई कार्रवाई न करने के बदले अधिकारियों ने पहले 40 लाख रुपये मांगे थे, जो बाद में बातचीत के बाद 15 लाख रुपये पर तय हुए। जब कारोबारी ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो यह तय हुआ कि पैसे दो किस्तों में दिए जाएंगे। शनिवार को जैसे ही पहली किस्त के 7.50 लाख रुपये दिए गए, विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर तीनों को पकड़ लिया।

पकड़े गए आरोपियों में LDA के अवर अभियंता (JE) दिनेश कुमार वर्मा, पर्यवेक्षक चंद्र प्रकाश और बिचौलिए श्रवण कुमार शामिल हैं। आरोप है कि श्रवण कुमार ने ही पहले IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी और फिर LDA के अधिकारियों के साथ मिलकर वसूली का सिंडिकेट चला रहा था। वह कारोबारी पर दबाव बना रहा था कि अगर पैसे नहीं दिए तो काम रुकवा दिया जाएगा।

आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को रविवार, 2 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया जाएगा। विजिलेंस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो वे भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।