Lucknow में LDA की मिलीभगत से 30 हजार आवासीय प्लॉटों पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स, SIT जांच शुरू

Lucknow: राजधानी लखनऊ में पिछले 30 सालों से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की नाक के नीचे बड़ा खेल चल रहा है। शहर की मुख्य सड़कों और चौड़ी सड़कों के किनारे आवासीय प्लॉटों को तोड़कर होटल, अस्पताल और कोचिंग सेंटर जैसे कमर्शियल

Lucknow: राजधानी लखनऊ में पिछले 30 सालों से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की नाक के नीचे बड़ा खेल चल रहा है। शहर की मुख्य सड़कों और चौड़ी सड़कों के किनारे आवासीय प्लॉटों को तोड़कर होटल, अस्पताल और कोचिंग सेंटर जैसे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़े कर दिए गए। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 हजार से ज्यादा ऐसे भूखंड हैं जहाँ नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण किया गया है।

यह पूरा मामला अलीगंज में हुए एक भीषण अग्निकांड के बाद फिर से गरमा गया है। जांच में पता चला कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह कागजों में आवासीय थी लेकिन असल में उसका व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा था। इस बिल्डिंग के खिलाफ 2016 में ध्वस्तीकरण का आदेश भी आया था, लेकिन अधिकारियों ने उसे महज दो महीने में ही निरस्त कर दिया। इस घटना ने एलडीए के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। SIT का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार कर रहे हैं। मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने साफ किया है कि पद की परवाह किए बिना दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

संबंधित अधिकारी/व्यक्ति की गई कार्रवाई
अनिल कुमार (AE) और प्रमोद पांडे (JE) निलंबित
कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO) और गौरव कुमार (XEN) निलंबित
वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला और अन्य नोटिस जारी
अज्ञात आरोपी 4 लोग गिरफ्तार

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान जारी है और लापरवाह इंजीनियरों पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल अलीगंज के एम-102 से पुरनिया रोड तक के सभी मकान मालिकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। फाइलों में दबे 6,000 से अधिक ध्वस्तीकरण के आदेशों पर भी अब कार्रवाई होने की संभावना है।