Lucknow में विकास कार्यों की होगी GIS टैगिंग, अब एक क्लिक पर मिलेगी हर प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी

Lucknow: लखनऊ के विकास कार्यों में अब पारदर्शिता बढ़ेगी क्योंकि Lucknow Development Authority (LDA) ने जीआईएस (GIS) टैगिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था से शहर में होने वाले तमाम निर्माण और विकास कार्यों का ब्यो

Lucknow: लखनऊ के विकास कार्यों में अब पारदर्शिता बढ़ेगी क्योंकि Lucknow Development Authority (LDA) ने जीआईएस (GIS) टैगिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था से शहर में होने वाले तमाम निर्माण और विकास कार्यों का ब्योरा अब एक क्लिक पर मिल जाएगा। इसका मुख्य मकसद भ्रष्टाचार को रोकना और एक ही काम के लिए बार-बार टेंडर निकलने जैसी गड़बड़ियों को खत्म करना है।

LDA के वाइस चेयरमैन Prathamesh Kumar ने बताया कि इस सिस्टम से टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। अब अलग-अलग विभाग एक ही प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग टेंडर नहीं निकाल पाएंगे। इस पोर्टल पर हर प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी होगी, जिसमें काम शुरू होने की तारीख, खत्म होने का समय, काम करने वाली एजेंसी और कुल लागत शामिल होगी। निगरानी को आसान बनाने के लिए अलग-अलग सालों के प्रोजेक्ट्स को अलग-अलग कलर कोड से पहचाना जा सकेगा।

प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सेल (PMC) इस पोर्टल के लिए एक स्पेशल मॉड्यूल तैयार कर रहा है, जिसका करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। साल 2025-26 के लिए अवस्थापना निधि से होने वाले सभी विकास कार्यों की जीआईएस टैगिंग पूरी कर ली गई है। इसके अलावा, लखनऊ मास्टर प्लान 2031 को भी जीआईएस आधारित बनाया गया है, जिससे जमीन के इस्तेमाल और अवैध प्लॉटिंग की जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी और लैंड माफिया पर लगाम कसी जा सकेगी।

अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए LDA अब ड्रोन और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के 49 जिलों के 93 छोटे शहरों के लिए भी जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार कर रही है, जिसके लिए 45 से 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।