Lucknow में हर मकान और दुकान का होगा फायर सेफ्टी सर्वे, दरवाजों पर चिपकाया जाएगा ‘फायर स्कोर’

Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। अब शहर के हर घर और दुकान की आग से सुरक्षा की जांच होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों का फायर सेफ्टी सर्वे कराने का फैसला किया

Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। अब शहर के हर घर और दुकान की आग से सुरक्षा की जांच होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों का फायर सेफ्टी सर्वे कराने का फैसला किया है। इस सर्वे के बाद हर बिल्डिंग के दरवाजे पर एक ‘फायर स्कोर’ स्टिकर लगाया जाएगा, जिससे पता चलेगा कि वह जगह आग के खतरे से कितनी सुरक्षित है।

यह कदम जून 2026 में अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उठाया गया है, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकना है। इस पूरे काम के लिए एलडीए एक निजी कंपनी या एक्सपर्ट एजेंसी की मदद लेगा। सर्वे का पूरा खर्च एलडीए उठाएगा, जो करीब दो करोड़ रुपये होने का अनुमान है, इसलिए मकान मालिकों को इसके लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।

सर्वे की शुरुआत गोमती नगर, अलीगंज, आशियाना, रुचि खंड, शारदा नगर और जानकीपुरम जैसी एलडीए कॉलोनियों से होगी, जहां दो लाख से ज्यादा मकान हैं। इसके बाद पुराने लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे चौक, अमीनाबाद, रकाबगंज और सहादतगंज में भी यह काम किया जाएगा। सर्वे के दौरान बिजली की वायरिंग, पावर लोड, सीढ़ियों की पहुंच, खिड़की-दरवाजों का साइज और इमरजेंसी एग्जिट जैसे करीब 20 तकनीकी बिंदुओं की जांच होगी।

जांच का मुख्य बिंदु विवरण
फायर स्कोर रेटिंग हर भवन को 10 में से अंक दिए जाएंगे
नोटिस की प्रक्रिया 5 या उससे कम स्कोर मिलने पर मालिक को नोटिस मिलेगा
डिजिटल रिकॉर्ड हर बिल्डिंग को एक यूनिक नंबर दिया जाएगा
अनिवार्य शपथ पत्र 24 जून 2026 से नक्शा पास कराने के लिए फायर सेफ्टी एफिडेविट जरूरी
कुल सर्वे यूनिट्स लगभग 8 लाख घर और दुकानें
जांच टीम फायर विभाग, आपदा प्रबंधन, बिजली विभाग और आर्किटेक्चर एक्सपर्ट

प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जिन भवनों का फायर स्कोर 5 या उससे कम होगा, उन्हें कमियों को सुधारने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। अगर तय समय में सुधार नहीं हुआ, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में एलडीए ने नियमों की अनदेखी करने वाले 71 दुकानों को सील भी किया था।