UP: लखनऊ में मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। 1 जून 2026 को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान डंडा और हसिया लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) कार्यालय पहुंचे और वहां जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनि
UP: लखनऊ में मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। 1 जून 2026 को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान डंडा और हसिया लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) कार्यालय पहुंचे और वहां जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी (अराजनैतिक) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने अधिकारियों के खिलाफ अपना रोष जताया।
किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1984 में गोमती नगर विस्तार योजना फेज-2 के लिए उनकी जमीन ली गई थी, लेकिन 41 साल बाद भी पूरा मुआवजा नहीं मिला है। किसान अब वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से भुगतान चाहते हैं। इसके अलावा वे मुआवजे से काटे गए 11.2 प्रतिशत आयकर को वापस करने और भरवारा क्षेत्र के किसानों को भूखंड आवंटित करने की मांग कर रहे हैं।
गांवों की बदहाली और अन्य मुद्दे
किसानों ने आरोप लगाया कि अधिग्रहित गांवों में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। गुलाम हुसैन पुरवा और रिसहा गांव में पानी का संकट बहुत ज्यादा है। साथ ही उन्होंने 4000 विकसित आवासीय भूखंडों की मांग की और चिनहट तिराहे पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को हटाने और गांवों में बारात घर बनाने की बात कही।
अधिकारियों पर आरोप और चेतावनी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि सरकार और अधिकारी उन्हें लगातार गुमराह कर रहे हैं। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी एलडीए और शासन-प्रशासन की होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किसान LDA कार्यालय का घेराव क्यों कर रहे हैं?
किसान गोमती नगर विस्तार योजना फेज-2 के लिए 1984 में ली गई जमीन का पूरा मुआवजा वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर पाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन में कौन से संगठन और लोग शामिल थे?
यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी (अराजनैतिक) के नेतृत्व में हुआ, जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक यादव के साथ बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान शामिल हुए।