Lucknow में 15 लोगों की जान लेने वाली बिल्डिंग पर चला बुलडोजर, LDA की बड़ी कार्रवाई
Lucknow: अलीगंज इलाके में उस व्यावसायिक इमारत को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने ध्वस्त कर दिया है, जहां पिछले महीने लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। प्रशासन ने 25 जुलाई की सुबह भारी पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई की
Lucknow: अलीगंज इलाके में उस व्यावसायिक इमारत को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने ध्वस्त कर दिया है, जहां पिछले महीने लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। प्रशासन ने 25 जुलाई की सुबह भारी पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई की। इस हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया था, जिसके बाद अब अवैध निर्माण पर सख्त एक्शन लिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई 25 जुलाई को सुबह करीब 7:30 बजे शुरू हुई। सुरक्षा के लिए मौके पर 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे और आसपास की 700 मीटर तक की सड़कों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया था ताकि कोई बाधा न आए। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि जब तक इमारत पूरी तरह जमींदोज नहीं हो जाती, यह अभियान जारी रहेगा।
मामले की गहराई में जाएं तो 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे इस बिल्डिंग में आग लगी थी, जिसमें दम घुटने और जलने से 15 बच्चों और लोगों की जान चली गई थी। जांच में पता चला कि यह इमारत पूरी तरह अवैध थी और स्वीकृत नक्शे के खिलाफ बनाई गई थी। आवासीय अनुमति होने के बावजूद यहां एनिमेशन कोचिंग सेंटर और पेट शॉप जैसे व्यावसायिक काम चल रहे थे।
बुलडोजर चलाने से पहले एलडीए ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी। 23 जून को भूखंड स्वामी को नोटिस दिया गया था और 10 जुलाई को एलडीए कोर्ट ने इसे नियमों के खिलाफ मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला को 15 दिन का समय दिया गया था कि वह खुद अवैध निर्माण हटा लें, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया।
एसआईटी (SIT) की जांच में फायर सेफ्टी के गंभीर उल्लंघन मिले थे। बिल्डिंग में इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम जाम होने की वजह से लोग अंदर फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए। साथ ही बिजली विभाग पर भी लापरवाही के आरोप लगे क्योंकि लोड बढ़ने के बाद भी नियमों को अनदेखा कर कनेक्शन दिया गया था। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए थे और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।