Lucknow में अग्निकांड के बाद LDA और आवास विकास की कार्रवाई से व्यापारी परेशान, सीलिंग के बजाय समाधान की मांग

Lucknow: अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब शहर के व्यापारियों की नींद उड़ गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और आवास विकास परिषद ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा करना शुरू कर दिया है, जिससे व्यापार

Lucknow: अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब शहर के व्यापारियों की नींद उड़ गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और आवास विकास परिषद ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा करना शुरू कर दिया है, जिससे व्यापारियों में डर और चिंता का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने अयोध्या रोड स्थित अपने कार्यालय में एक जरूरी बैठक की। इस दौरान व्यापारियों ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 बच्चों को श्रद्धांजलि दी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि बच्चों की मौत बहुत दुखद है और ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने साफ किया कि केवल दोषारोपण करने या दुकानों को सील करने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए कोई स्थायी समाधान निकालना जरूरी है।

व्यापारियों ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि LDA के अनुसार शहर में केवल 6% मकानों के नक्शे पास हैं। अगर बाकी 94% भवनों पर कार्रवाई की गई, तो शहर के हजारों दुकानदारों और कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अब व्यापार मंडल के सदस्य उपमुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और स्थानीय विधायकों से मिलकर इस मुद्दे पर बात करेंगे। साथ ही, व्यापारियों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी।

इस पूरे मामले में प्रशासन काफी सख्त नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद LDA ने अवैध निर्माणों और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया है। 25 जून तक 71 प्रतिष्ठानों को सील किया गया और 83 मालिकों को नोटिस दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या व्यावसायिक गतिविधियां नहीं चलनी चाहिए।

अलीगंज अग्निकांड की जांच में पाया गया कि इमारत का व्यावसायिक उपयोग अवैध था और वहां अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। केवल एक ही रास्ता होने की वजह से हादसा और गंभीर हो गया। इस लापरवाही के लिए LDA के 19 इंजीनियरों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। प्रशासन ने अब भवन योजना के लिए ‘फायर सेफ्टी एफिडेविट’ (अग्नि सुरक्षा शपथ पत्र) को अनिवार्य कर दिया है ताकि भविष्य में जवाबदेही तय की जा सके।