Lucknow में LDA का बड़ा एक्शन, Renaissance और Novotel समेत 122 होटलों को नोटिस, बेसमेंट में अवैध काम मिला तो होगी सीलिंग
Lucknow/Gomti Nagar: लखनऊ में अवैध निर्माण और बेसमेंट के गलत इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और फायर विभाग के साझा सर्वे में शहर के 122 बड़े होटलों, गेस्ट हाउसों और व्या
Lucknow/Gomti Nagar: लखनऊ में अवैध निर्माण और बेसमेंट के गलत इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और फायर विभाग के साझा सर्वे में शहर के 122 बड़े होटलों, गेस्ट हाउसों और व्यावसायिक इमारतों में भारी अनियमितताएं मिली हैं। मंडलायुक्त और एलडीए अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने सख्त आदेश दिए हैं कि इन सभी दोषी प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया जाए और अगर तय समय में खामियां दूर नहीं हुईं तो उन्हें सील कर दिया जाए।
सर्वे के दौरान गोमती नगर स्थित होटल रेनेसां (Renaissance) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां स्वीकृत नक्शे के उलट 16वीं मंजिल पर छत की जगह स्काई बार का संचालन किया जा रहा था। साथ ही ग्रीन बेल्ट के नीचे अवैध तरीके से बेसमेंट का निर्माण पाया गया है। वहीं, होटल नोवोटेल (Novotel) के बेसमेंट में पार्किंग की जगह पर बेकरी, स्टाफ रूम और लॉन्ड्री का काम धड़ल्ले से चल रहा था। प्रशासन ने इन सभी गतिविधियों को सुरक्षा मानकों के खिलाफ माना है।
कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने बैठक में साफ कहा कि जिन अधिकारियों ने इन इमारतों को गलत तरीके से सर्टिफिकेट जारी किए थे, उनकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। शहर के होटल लीनेज, होटल पिनैकल और होटल सैवी ग्रैंड में भी बेसमेंट के भीतर अवैध बैंक्वेट हॉल और व्यावसायिक काम चलते पाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही आदेश दिए हैं कि बेसमेंट में कोचिंग, अस्पताल और नर्सिंग होम का संचालन किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि लखनऊ में केवल 6% भवनों के ही नक्शे स्वीकृत हैं, जबकि 94% भवन बिना सही कागजों के बने हुए हैं। प्रशासन ने अब उन सभी जगहों की लिस्ट बनाने को कहा है जहां भीड़ ज्यादा होती है, जैसे कोचिंग सेंटर, जिम और मैरिज लॉन। कोचिंग संस्थानों को अपनी व्यवस्था ठीक करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। इसके बाद भी सुधार न होने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माण को लेकर एलडीए ने एक विशेष 72 घंटे का प्लान भी तैयार किया है। अगर किसी इमारत को सील किया जाता है और उसका मालिक 24 से 72 घंटे के भीतर सही नक्शा और सुरक्षा दस्तावेज पेश कर देता है, तो जांच के बाद सील हटाई जा सकती है। फिलहाल शहर के बड़े अस्पतालों और नर्सिंग होम की भी जांच शुरू कर दी गई है ताकि अलीगंज जैसी अग्नि दुर्घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।