Lucknow में लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल का आयोजन, बुद्ध नृत्य-नाटिका और कृष्ण लीला ने जीता लोगों का दिल
Lucknow: गोमतीनगर के इंटरनेशनल बुद्धिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुख्य ऑडिटोरियम में ‘लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026’ का शानदार आयोजन किया गया। 18 जून को हुए इस कार्यक्रम में पारंपरिक कला और संस्कृति की ऐसी झलक दिखी
Lucknow: गोमतीनगर के इंटरनेशनल बुद्धिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुख्य ऑडिटोरियम में ‘लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026’ का शानदार आयोजन किया गया। 18 जून को हुए इस कार्यक्रम में पारंपरिक कला और संस्कृति की ऐसी झलक दिखी कि वहां मौजूद सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इस आयोजन को इंटरनेशनल बुद्धिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, सामाजिक संस्था ‘बदलाव: एक कदम शिक्षा की ओर’ और ‘कला कारवां’ ने मिलकर सफल बनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गौतम बुद्ध के जीवन दर्शन और शांति के संदेश पर आधारित बुद्ध नृत्य-नाटिका से हुई। इसके बाद दर्शकों ने पहली बार ‘लक्ष्मणगाथा दास्तानगोई’ का अनुभव किया, जिसमें मशहूर कहानीकार अर्शना अजमत और आरजे प्रतीक ने भगवान लक्ष्मण के जीवन की कहानियों को संगीत के साथ पेश किया। इस फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण ‘कान्हा से द्वारकाधीश’ नाटक रहा। संगीत नाटक अकादमी अवार्ड विजेता अमित दीक्षित ‘रामजी’ द्वारा लिखे और निर्देशित इस नाटक में 50 से ज्यादा कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी और पौराणिक कथा को जीवंत कर दिया।
इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रतिशंकर त्रिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, केंद्रीय ललित कला अकादमी के सचिव देवेंद्र त्रिपाठी और बिरजू महाराज कथक संस्थान की अध्यक्ष कुमकुम धर भी मौजूद रहीं।
फेस्टिवल के दौरान आठ बड़ी हस्तियों को सम्मान से नवाजा गया। इसमें पद्म श्री डॉ. अनिल रस्तोगी को ‘लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मान’ और पद्म श्री विद्या बिंदु सिंह को ‘रानी लक्ष्मीबाई प्रेरणा सम्मान’ दिया गया।