UP : लखनऊ के वकीलों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 21 से 26 मई 2026 तक सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। इस फैसले की वजह से अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है और दूर-दराज से आए वादकारियों को बिना सुनवाई वापस लौटना पड़
UP : लखनऊ के वकीलों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 21 से 26 मई 2026 तक सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। इस फैसले की वजह से अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है और दूर-दराज से आए वादकारियों को बिना सुनवाई वापस लौटना पड़ रहा है। यह निर्णय 20 मई को हुई वकीलों की महापंचायत में लिया गया था।
वकीलों ने क्यों शुरू की यह हड़ताल?
यह पूरा विवाद 17 मई 2026 को शुरू हुआ जब कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के पास अवैध चैंबरों को हटाने का अभियान चलाया गया। वकीलों का आरोप है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। इस घटना के विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन समेत कई संस्थाएं एक साथ खड़ी हैं।
अधिवक्ताओं की मुख्य मांगें क्या हैं?
- लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और ठाकुरगंज थाना प्रभारी ओमवीर सिंह पर कार्रवाई हो।
- वजीरगंज और कैसरबाग थानों में वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
- सिविल कोर्ट परिसर की पुरानी तहसील भूमि और पुराने उच्च न्यायालय के खाली स्टाफ क्वार्टर की जमीन चैंबर और पार्किंग के लिए दी जाए।
- अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू किया जाए और घायल वकीलों को आर्थिक मदद मिले।
आम जनता और अदालती काम पर क्या असर पड़ा?
21 मई से शुरू हुए इस सामूहिक अवकाश के कारण कोर्ट परिसर में पुलिस का प्रवेश बंद कर दिया गया है। जेल से आने वाले कैदियों के वाहन अदालतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी 25 मई को इस मामले की पैरवी के लिए उच्च न्यायालय जाएंगे। वहीं, 26 मई को दोपहर 2:00 बजे लखनऊ बार एसोसिएशन की एक संयुक्त बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के वकील कब तक हड़ताल पर रहेंगे?
लखनऊ के वकील 21 मई से 26 मई 2026 तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जिसके कारण अदालती कामकाज प्रभावित हो रहा है।
यह विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ?
17 मई 2026 को कैसरबाग सिविल कोर्ट के पास अवैध चैंबर हटाने के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में यह हड़ताल शुरू हुई है।