UP: लखनऊ में कचहरी परिसर के पास बने अवैध चैंबरों को गिराने के बाद माहौल गरमाया हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम और पुलिस ने जब कार्रवाई की, तो वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 17 मई को ‘क
UP: लखनऊ में कचहरी परिसर के पास बने अवैध चैंबरों को गिराने के बाद माहौल गरमाया हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम और पुलिस ने जब कार्रवाई की, तो वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 17 मई को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया और पुलिस पर बर्बरता के आरोप लगाए हैं। इस विवाद के चलते अब लखनऊ के वकीलों ने 26 मई तक सामूहिक अवकाश (मास लीव) लेने का फैसला किया है।
अवैध चैंबरों पर कार्रवाई क्यों हुई और क्या है विवाद
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सार्वजनिक रास्तों पर बने अवैध चैंबरों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने 10 अप्रैल 2026 को कार्रवाई का आदेश दिया था और 12 मई को इस पर सख्त रुख अपनाया। इसके बाद 17 मई को नगर निगम और जिला प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मिलकर इन चैंबरों को ध्वस्त कर दिया। वकीलों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उन्हें अपना सामान जैसे लैपटॉप, एसी और जरूरी फाइलें निकालने का समय नहीं दिया।
वकीलों की मांगें और आगे की रणनीति क्या है
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिवों ने पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताया है। वकीलों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों, जिनमें थाना ठाकुरगंज प्रभारी ओमवीर सिंह और कुछ अन्य शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, वे दर्ज मुकदमों को वापस लेने और चैंबरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
प्रशासन और अन्य नेताओं का इस पर क्या कहना है
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने साफ किया कि पूरी कार्रवाई अदालती आदेश और तय प्रक्रिया के तहत हुई है और पहले नोटिस भी दिए गए थे। उन्होंने कहा कि अब तक कोई बड़ी चोट की रिपोर्ट नहीं मिली है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई और लाठीचार्ज की निंदा की है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग की है। अब 25 मई को नगर निगम को इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट में शपथ पत्र देना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के वकीलों ने सामूहिक अवकाश (Mass Leave) कब तक लिया है?
लखनऊ के वकीलों ने 17 मई की पुलिस कार्रवाई के विरोध में 21 मई से 26 मई, 2026 तक सामूहिक अवकाश की घोषणा की है।
चैंबरों को तोड़ने की कार्रवाई किस आधार पर की गई?
यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर की गई थी, जिसने सार्वजनिक रास्तों पर बने अवैध अतिक्रमण और चैंबरों को हटाने का निर्देश दिया था।