Lucknow में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट के लिए वकीलों का मशाल जुलूस, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका
UP/Lucknow: लखनऊ में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग को लेकर वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन किया। 30 जून, 2026 को प्रयागराज से आए वकीलों ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने की को
UP/Lucknow: लखनऊ में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग को लेकर वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन किया। 30 जून, 2026 को प्रयागराज से आए वकीलों ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
यह जुलूस हजरतगंज के परिवर्तन चौक से शुरू होकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक गया। वकील लंबे समय से अपनी सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन मई 2026 में हुई कुछ घटनाओं के बाद और तेज हो गया है। 17 मई, 2026 को लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर में चैंबर हटाने के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
इस लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ के वकीलों ने 21 से 26 मई तक सामूहिक कार्य बहिष्कार किया था। उनकी मांग थी कि दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो और वकीलों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं। इसी बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 9 जून को हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाया और कुछ पदाधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किए। कोर्ट ने इस तरह के बहिष्कार को गलत बताया था।
वकीलों की यह मांग पुरानी है। सितंबर 2023 में हापुड़ में हुए लाठीचार्ज के बाद यूपी सरकार ने इस बिल को तैयार करने के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाई थी। फरवरी 2025 में बार काउंसिल ऑफ यूपी की एक समिति ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपकर इस एक्ट को जल्द लागू करने की अपील की थी। इससे पहले 16 जून को प्रयागराज में भी वकीलों ने राजस्थान और तेलंगाना की तर्ज पर यूपी में सुरक्षा कानून लागू करने के लिए मशाल जुलूस निकाला था।