UP: लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद प्रदेश भर के वकीलों में भारी गुस्सा है। अमेठी के मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन ने 19 मई 2026 को न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का ऐलान किया है। यह पूरा विवाद लखनऊ नगर निगम द्वारा क
UP: लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद प्रदेश भर के वकीलों में भारी गुस्सा है। अमेठी के मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन ने 19 मई 2026 को न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का ऐलान किया है। यह पूरा विवाद लखनऊ नगर निगम द्वारा कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के पास अवैध चैंबर और दुकानें हटाने के दौरान शुरू हुआ, जिसमें पुलिस और वकीलों के बीच टकराव हुआ।
लाठीचार्ज की मुख्य वजह और पुलिस का क्या कहना है
यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर की गई थी। कोर्ट ने सार्वजनिक रास्तों और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। लखनऊ पुलिस का कहना है कि अभियान पूरी तरह कानूनी था और कुछ असामाजिक तत्वों ने काम में बाधा डाली, जिन्हें हटाने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा। वहीं, वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी सूचना के उनके चैंबरों से सामान हटाने का समय नहीं दिया और बर्बरता से लाठियां चलाईं, जिससे कई वकील घायल हुए और कुछ को फ्रैक्चर भी हुए।
वकीलों की मांगें और राज्यव्यापी विरोध का असर
इस घटना के बाद लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 18 से 20 मई तक पूर्ण बहिष्कार किया और कचहरी परिसर को ‘खाकी-मुक्त’ कर दिया। प्रदेश के बांदा, बरेली, देवरिया, वाराणसी, मेरठ, चंदौली, आजमगढ़ और गाजीपुर जैसे जिलों में भी वकीलों ने ‘काला दिवस’ मनाया। वकीलों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और ठाकुरगंज SHO ओमवीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई हो।
- निर्दोष वकीलों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और मामले की SIT जांच हो।
- घायल अधिवक्ताओं को 50 लाख रुपये का मुआवजा और मुफ्त इलाज मिले।
- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत लागू किया जाए और नए चैंबरों की व्यवस्था हो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है और इसे आपत्तिजनक बताया है। लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 20 मई को दोपहर 2 बजे एक बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें जिले के सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में तय किया जाएगा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे का विरोध प्रदर्शन किस तरह किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ नगर निगम कैसरबाग सिविल कोर्ट के पास अवैध चैंबर और दुकानें हटा रहा था। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
वकील प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं?
वकीलों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, मामले की SIT जांच हो और घायल वकीलों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।