UP : लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों को गिराने की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। 18 मई को प्रशासन ने बुलडोजर चलाने का फैसला टाल दिया है। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश से जुड़ा है, जिसके तहत शहर के अ
UP : लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों को गिराने की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। 18 मई को प्रशासन ने बुलडोजर चलाने का फैसला टाल दिया है। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश से जुड़ा है, जिसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों से 240 अवैध ढांचों को हटाना है।
बुलडोजर कार्रवाई और हंगामे में क्या हुआ
17 मई को नगर निगम और पुलिस ने कलेक्ट्रेट रोड, पुराने हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट के पास अतिक्रमण हटाना शुरू किया था। इस दौरान वकीलों और पुलिस के बीच भारी टकराव हुआ। मौके पर पथराव हुआ और पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें दोनों तरफ के 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दोपहर तक करीब 100 अतिक्रमण हटाए गए, लेकिन विरोध बढ़ता देख शाम को कार्रवाई रोकनी पड़ी।
वकीलों का विरोध और न्यायिक कार्य बहिष्कार
पुलिस लाठीचार्ज से नाराज सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन ने 18 से 20 मई तक तीन दिनों के लिए न्यायिक कार्य बहिष्कार और सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। वकीलों ने जिलाधिकारी कार्यालय को भी बंद करवा दिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन 240 चैंबर तोड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि उन्हें सही नोटिस नहीं मिला और न ही कोई दूसरी जगह दी गई।
प्रशासन का पक्ष और आगे की तैयारी
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नोटिस पहले ही दिए जा चुके थे और भीड़ के पथराव के बाद पुलिस को कदम उठाना पड़ा। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन को 25 मई तक हाईकोर्ट में इस कार्रवाई की प्रोग्रेस रिपोर्ट देनी है। अभी भी 50 से ज्यादा चैंबर गिराए जाने बाकी हैं। इस मामले में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी घायल वकीलों के लिए मुआवजे और मुफ्त इलाज की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बुलडोजर की कार्रवाई क्यों हो रही है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर स्वास्थ्य भवन और कचहरी के आसपास बने 240 अवैध चैंबरों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
वकील इस कार्रवाई का विरोध क्यों कर रहे हैं?
वकीलों का दावा है कि प्रशासन आदेश से ज्यादा चैंबर तोड़ रहा है और उन्हें उचित नोटिस या वैकल्पिक जगह नहीं दी गई है। साथ ही वे पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।