UP: लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट और जिला न्यायालय परिसर के पास बने अवैध चैंबरों को हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर वकीलों के कई चैंबर और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार
UP: लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट और जिला न्यायालय परिसर के पास बने अवैध चैंबरों को हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर वकीलों के कई चैंबर और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में वकीलों के बीच काफी विरोध देखा गया।
नगर निगम ने क्यों की यह कार्रवाई?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 8 मई 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में पुराने हाईकोर्ट और जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के आसपास बने अवैध निर्माणों और चैंबरों को हटाने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम ने पहले इन चैंबरों को चिन्हित किया और नोटिस चिपकाकर 16 मई 2026 तक खुद हटाने का समय दिया था। समयसीमा खत्म होने के बाद 17 मई 2026 की सुबह से बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ।
कितने चैंबरों को किया गया ध्वस्त?
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, लखनऊ डीएम ऑफिस और पुराने हाईकोर्ट परिसर के बाहर कुल 240 चैंबरों को अतिक्रमण मानकर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पहले चरण में नगर निगम की टीम ने लगभग 100 चैंबरों को गिरा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाकी बचे हुए चैंबरों को भी हटा दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों के चैंबर कब गिराए गए?
नगर निगम ने 16 मई की समयसीमा खत्म होने के बाद 17 मई 2026 की सुबह से बुलडोजर चलाकर चैंबरों को हटाना शुरू किया।
यह कार्रवाई किस आदेश के तहत की गई?
यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ खंडपीठ द्वारा 8 मई 2026 को दिए गए अवैध निर्माण हटाने के आदेश के अनुपालन में की गई।