UP: लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद माहौल गरमा गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना के विरोध में वकीलों ने सामूहिक अवकाश घ
UP: लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद माहौल गरमा गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना के विरोध में वकीलों ने सामूहिक अवकाश घोषित कर दिया है, जिससे जिला न्यायालयों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।
बुलडोजर कार्रवाई और लाठीचार्ज का पूरा मामला क्या है?
यह पूरी कार्रवाई 17 मई, 2026 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद की गई थी। नगर निगम ने इसके लिए 12 मई को नोटिस जारी किए थे। वकीलों का कहना है कि कोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन ने 200 से ज्यादा चैंबर तोड़ दिए। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिससे कई वकील घायल हो गए। वकीलों ने इसे अपने सम्मान पर हमला बताया है और ठाकुरगंज थाने के एसएचओ ओमवीर सिंह समेत दोषी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग की है।
लाठियां बांटने का आरोप और आगे की रणनीति
इस विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब बार एसोसिएशन पर वकीलों को सुरक्षा के लिए करीब 600 लाठियां बांटने का आरोप लगा। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वकीलों ने 21 मई से 26 मई तक हड़ताल का ऐलान किया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित को 25 मई, 2026 को उच्च न्यायालय में इस मामले की पैरवी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों की हड़ताल कब तक चलेगी?
वकीलों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 21 मई से 26 मई, 2026 तक सामूहिक अवकाश (हड़ताल) की घोषणा की है।
वकीलों ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
वकीलों का आरोप है कि उच्च न्यायालय ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने 200 से अधिक चैंबरों को ध्वस्त कर दिया और कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।