UP: लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट परिसर के पास रविवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी हंगामा हुआ और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वकीलों का आरोप है कि प्रशा
UP: लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट परिसर के पास रविवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी हंगामा हुआ और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन ने आदेश से कहीं ज्यादा चैंबर गिरा दिए हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है।
बुलडोजर कार्रवाई और वकीलों के आरोप क्या हैं?
प्रशासन का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) के आदेश पर यह कार्रवाई की गई क्योंकि कई चैंबर नालियों और सार्वजनिक रास्तों पर अवैध रूप से बने थे। नगर निगम ने 16 मई तक का समय दिया था और लाल निशान लगाकर नोटिस भी चिपकाए थे। वहीं, वकीलों का दावा है कि हाईकोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैंबर ध्वस्त कर दिए।
पुलिस लाठीचार्ज और वर्तमान स्थिति क्या है?
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई। महिला वकीलों ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई और स्थिति अब नियंत्रण में है। तनाव को देखते हुए 18 मई को होने वाली अगली कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया है।
वकीलों ने अब क्या कदम उठाया है?
इस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने 18 मई, 2026 से तीन दिनों की हड़ताल शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने भी इस घटना की निंदा की है और सरकार से ध्वस्त चैंबरों के बदले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। कुछ वकीलों ने यह भी कहा कि उन्हें सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला और बिना नोटिस के उनके चैंबर गिरा दिए गए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बुलडोजर की कार्रवाई कब और क्यों हुई?
यह कार्रवाई 17 मई, 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर हुई। इसका उद्देश्य पुराने हाईकोर्ट परिसर और डीएम कार्यालय के पास नालियों और रास्तों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाना था।
वकीलों ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
वकीलों का आरोप है कि कोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने 240 चैंबर गिरा दिए। साथ ही, उन्होंने महिला वकीलों पर लाठीचार्ज और बिना पर्याप्त नोटिस के कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।