Lucknow के आखिरी नवाब ने एक दिन में 27 बीवियों को दिया था तलाक, जानिए क्या थी वजह
UP/Lucknow: लखनऊ के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह अपने दौर में अपनी बड़ी संख्या में बीवियों और बच्चों के लिए जाने जाते थे. इतिहास की बात करें तो एक समय ऐसा आया जब उन्होंने एक ही दिन में अपनी 27 बेगमों को तलाक दे दिया था. यह घ
UP/Lucknow: लखनऊ के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह अपने दौर में अपनी बड़ी संख्या में बीवियों और बच्चों के लिए जाने जाते थे. इतिहास की बात करें तो एक समय ऐसा आया जब उन्होंने एक ही दिन में अपनी 27 बेगमों को तलाक दे दिया था. यह घटना 31 जुलाई 1878 को घटी थी, जिसके पीछे अंग्रेजों के साथ उनका विवाद और आर्थिक तंगी जुड़ी थी.
नवाब वाजिद अली शाह को ब्रिटिश शासन ने 1856 में अवध से हटाकर पेंशनभोगी बना दिया था. वे अंग्रेजों द्वारा दी जाने वाली कम पेंशन और अपने निजी मामलों में ब्रिटिश हस्तक्षेप से काफी परेशान थे. इस तनाव के बीच उनकी एक मुताह बेगम, माशूक महल के बेटे ने अंग्रेजों से शिकायत की कि उसे गुजारा भत्ता पर्याप्त नहीं मिल रहा है. इस शिकायत पर ब्रिटिश सरकार ने नवाब को आदेश दिया कि वे माशूक महल का मासिक भत्ता 2,500 रुपये बढ़ाएं.
अंग्रेजों के इस आदेश से नवाब वाजिद अली शाह काफी नाराज हुए. उन्होंने इसे अपने अधिकार क्षेत्र में दखल माना. अपनी खराब आर्थिक स्थिति का संदेश देने और अंग्रेजों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए उन्होंने एक साथ 27 बेगमों को तलाक दे दिया. नवाब ने इसका कारण यह बताया कि वह अब उनका खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं.
इतिहासकारों के अनुसार, नवाब की पत्नियों की संख्या अलग-अलग स्रोतों में 50 से 375 तक बताई गई है. जिन 27 बेगमों को तलाक दिया गया, उनमें से कई अस्थायी विवाह यानी मुताह विवाह का हिस्सा थीं. नवाब वाजिद अली शाह का निधन 21 सितंबर 1887 को कोलकाता के मटियाबुर्ज में हुआ था.