UP: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके में जमीन की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी तारा सिंह बिष्ट को पुलिस ने दिल्ली से धर दबोचा है। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था, जिसे सर्विलांस की मदद से चाणक्यपुरी इलाके से पकड़ा गया। प
UP: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके में जमीन की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी तारा सिंह बिष्ट को पुलिस ने दिल्ली से धर दबोचा है। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था, जिसे सर्विलांस की मदद से चाणक्यपुरी इलाके से पकड़ा गया। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
तारा सिंह बिष्ट ने कैसे की धोखाधड़ी?
आरोपी तारा सिंह बिष्ट ‘दि हिमालयन सहकारी आवास समिति’ के उपाध्यक्ष के तौर पर काम करता था। उसने 1994 के एक पुराने और अपंजीकृत बैनामे का सहारा लेकर फर्जी कागजात तैयार किए। उसने एक हरिजन की जमीन को सवर्ण दिखाकर राज नारायण सिंह के नाम फर्जी बैनामा कराया। इसके बाद अजय जायसवाल के साथ मिलकर फर्जी एनओसी के जरिए पीड़ित के प्लॉट पर अवैध बिजली कनेक्शन भी ले लिया।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास क्या है?
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक तारा सिंह बिष्ट एक आदतन अपराधी है। उस पर लखनऊ के गोमतीनगर, महानगर, चिनहट और हुसैनगंज थानों में कुल 30 मुकदमे दर्ज हैं। साल 2005 में उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था और 2007 में उसे जिलाबदर भी किया गया था। उसके ज्यादातर मामले जमीन की धोखाधड़ी से जुड़े हुए हैं।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जानकारी
गोमतीनगर विस्तार के एसओ गौरव बाजपेयी ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी से गिरफ्तार किया गया। शनिवार को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद पुलिस उसे लखनऊ लाई। इस मामले में शिकायतकर्ता वीरेंद्र कुमार सिंह ने 21 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस अब सह-आरोपी अजय जायसवाल और राज नारायण सिंह की भूमिका की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तारा सिंह बिष्ट को कहां से गिरफ्तार किया गया?
तारा सिंह बिष्ट को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके से गिरफ्तार किया गया और शनिवार को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया।
आरोपी के खिलाफ कुल कितने मामले दर्ज हैं?
आरोपी तारा सिंह बिष्ट पर लखनऊ के चार अलग-अलग थानों में कुल 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें जमीन धोखाधड़ी के मामले प्रमुख हैं।