UP : लखनऊ के पूराकलंदर इलाके में जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी संजय वर्मा को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय जनार्दन प्रसाद ने मंगलवार, 2 जून 2026 को उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर
UP : लखनऊ के पूराकलंदर इलाके में जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी संजय वर्मा को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय जनार्दन प्रसाद ने मंगलवार, 2 जून 2026 को उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया है।
कैसे की गई ठगी और कौन थे इसमें शामिल
संजय वर्मा ने अपने साथी अंकित यादव और गुलशन वर्मा के साथ मिलकर राधा नाम की महिला को निशाना बनाया। आरोपियों ने हवाई पट्टी के पास एक जमीन दिखाई और जय प्रकाश नाम के व्यक्ति को उसका मालिक बताया। भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने रजिस्ट्री के खर्च के नाम पर 1 लाख रुपये और एडवांस के तौर पर 5 लाख रुपये ले लिए। 9 जनवरी को बैनामा होना था, लेकिन रजिस्ट्री ऑफिस में कोई नहीं पहुंचा, जिसके बाद पूराकलंदर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
कोर्ट ने जमानत क्यों नहीं दी
संजय वर्मा ने कोर्ट में खुद को बेकसूर बताया और यह दलील दी कि एफआईआर दर्ज कराने में देरी हुई है। हालांकि, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी संजय वर्मा एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में पहले से ही 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। न्यायाधीश ने पाया कि जमानत देने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है और आरोपी के इतिहास को देखते हुए अर्जी खारिज कर दी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संजय वर्मा ने ठगी के लिए क्या तरीका अपनाया था
संजय वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक फर्जी मालिक जय प्रकाश के जरिए राधा को हवाई पट्टी के पास जमीन दिखाई और रजिस्ट्री व एडवांस के नाम पर कुल 6 लाख रुपये ठग लिए।
अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करने का क्या कारण बताया
अपर सत्र न्यायाधीश जनार्दन प्रसाद ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक इतिहास को आधार बनाया, क्योंकि संजय वर्मा पर जिले में 13 मुकदमे दर्ज हैं।