UP: लखनऊ में 10 मई 2026 को विभिन्न मजदूर और सामाजिक संगठनों ने नोएडा के श्रमिकों के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन किया। ट्रेड यूनियन संगठन ACTU के बुलावे पर प्रदर्शनकारी चारबाग से मुख्यमंत्री आवास की तरफ लाल झंडे और पोस्टर ले
UP: लखनऊ में 10 मई 2026 को विभिन्न मजदूर और सामाजिक संगठनों ने नोएडा के श्रमिकों के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन किया। ट्रेड यूनियन संगठन ACTU के बुलावे पर प्रदर्शनकारी चारबाग से मुख्यमंत्री आवास की तरफ लाल झंडे और पोस्टर लेकर निकले। यह विरोध प्रदर्शन नोएडा में मजदूरों पर हुई पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों को लेकर किया गया था।
प्रदर्शन की मुख्य वजह और मजदूरों की मांगें क्या हैं?
नोएडा में 13 और 14 अप्रैल 2026 को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस ने आंसू गैस और हवाई फायरिंग का इस्तेमाल किया। अब लखनऊ में प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि नोएडा में गिरफ्तार श्रमिकों और बुद्धिजीवियों को बिना शर्त रिहा किया जाए। साथ ही, महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 44,000 रुपये प्रति माह करने की मांग उठाई गई है।
पुलिस की कार्रवाई और नेताओं की नजरबंदी का क्या मामला है?
प्रदर्शन से एक दिन पहले, 9 मई 2026 को पुलिस ने कई जिलों में भाकपा माले के नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया या हिरासत में ले लिया। इनमें महाराजगंज के संजय निषाद और हरीश जायसवाल, अयोध्या के अतीक अहमद, सीतापुर के अर्जुन लाल और जालौन के राजीव कुशवाहा शामिल थे। भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला बताया है।
सरकार और प्रशासन का इस पूरे घटनाक्रम पर क्या कहना है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा की घटनाओं को राज्य के विकास के खिलाफ एक साजिश बताया है। उन्होंने औद्योगिक मैनेजमेंट और मजदूरों के बीच बातचीत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नोएडा में हुई हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच के लिए 15 मई 2026 तक सबूत मांगे गए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर नोएडा के डीसीपी (सेंट्रल) और एसीपी (सेंट्रल) को उनके पदों से हटा दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में मजदूर संगठनों ने किस बात का विरोध किया?
मजदूर संगठनों ने नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में और गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला।
श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को लेकर क्या मांग है?
प्रदर्शनकारी महंगाई के कारण न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 44,000 रुपये प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।