Lucknow को तोहफ़ा, कुकरैल में बनेगा देश का पहला अर्बन नाइट सफारी, ₹1500 करोड़ से होगा विकास
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में देश की पहली अर्बन नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क बनाने का रास्ता अब साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश स
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में देश की पहली अर्बन नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क बनाने का रास्ता अब साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह नाइट सफारी सिंगापुर की तर्ज पर डिजाइन की जाएगी, जहां लोग रात के समय टाइगर, लेपर्ड और भालू जैसे वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक माहौल में देख सकेंगे। यह प्रोजेक्ट 5,000 हेक्टेयर के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में विकसित होगा, जिसमें चिड़ियाघर भी शामिल होगा।
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत कर रहे थे, ने इस प्रोजेक्ट का विरोध करने वाली दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चिड़ियाघर अब पुराने हो चुके हैं और ऐसी चीजों के लिए विशेषज्ञ मौजूद हैं, इसलिए देश को रोका नहीं जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि सरकार को पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) की सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा।
पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ कड़े नियम भी तय किए गए हैं। अब जंगल से गुजरने वाली सड़क को चार-लेन के बजाय दो-लेन ही रखा जाएगा, जिससे करीब 846 पेड़ों को कटने से बचा लिया गया है। साथ ही, अगर किसी वजह से पेड़ काटने पड़ते हैं, तो एक पेड़ के बदले 10 नए पेड़ लगाने का नियम लागू होगा।
| खास सुविधाएं | विवरण |
|---|---|
| मुख्य आकर्षण | रात में वन्यजीवों का दीदार (नाइट सफारी) |
| इको-टूरिज्म ज़ोन | कैफेटेरिया, 7-डी थिएटर और ऑडिटोरियम |
| बच्चों के लिए | पार्क, प्ले स्टेशन, ओपन जिम और नेचर वॉक |
| पर्यावरण | 72% क्षेत्र में हरियाली और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल |
| निगरानी | हर 3 महीने में सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट देनी होगी |
प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने लखनऊ के पुराने चिड़ियाघर को कुकरैल में शिफ्ट करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके अलावा, शुरुआती प्लान में शामिल ट्राम सेवा और ऑगमेंटेड रियलिटी थिएटर जैसे एडवेंचर जोन को भी हटा दिया गया है। अब यह पूरा पार्क सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी (CZA) के दिशा-निर्देशों के तहत बनेगा और संरक्षण विशेषज्ञों की निगरानी में चलेगा।