Lucknow को तोहफ़ा, कुकरैल में बनेगा देश की पहली शहरी नाइट सफारी, 24 घंटे घूम सकेंगे पर्यटक

Lucknow: लखनऊ के कुकरैल में अब एक शानदार नाइट सफारी और नया चिड़ियाघर बनेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को इस प्रोजेक्ट को सशर्त मंजूरी दे दी है, जिससे अब काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। यह भारत की पहली

Lucknow: लखनऊ के कुकरैल में अब एक शानदार नाइट सफारी और नया चिड़ियाघर बनेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को इस प्रोजेक्ट को सशर्त मंजूरी दे दी है, जिससे अब काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। यह भारत की पहली और दुनिया की पांचवीं शहरी नाइट सफारी होगी, जहां लोग दिन और रात किसी भी समय वन्यजीवों को देख सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1,510 करोड़ रुपये है। यह करीब 855 से 900 एकड़ इलाके में फैला होगा, जिसमें 71 प्रतिशत हिस्सा हरा-भरा रखा जाएगा। पहले योजना थी कि पुराने लखनऊ चिड़ियाघर को यहाँ शिफ्ट किया जाए, लेकिन अब उसे रद्द कर दिया गया है और कुकरैल परिसर के अंदर ही एक नया चिड़ियाघर बनाया जाएगा। साथ ही, पर्यावरण को बचाने के लिए एडवेंचर जोन को हटा दिया गया है और चार-लेन सड़क की जगह अब दो-लेन सड़क बनाई जाएगी।

पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यहाँ कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। मुख्य गेट गुफा के आकार का होगा और अंदर 5.5 किलोमीटर लंबा ट्रामवे और 1.92 किलोमीटर का पैदल रास्ता होगा। इसके अलावा कैफेटेरिया, 7D थिएटर और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। टिकट की कीमत 500 से 1,000 रुपये के बीच हो सकती है। वन विभाग ने यहाँ बाघ, तेंदुआ, ज़ेबरा, भालू और हिरण समेत 54 से ज्यादा प्रजातियों के जानवरों को लाने की लिस्ट तैयार की है।

मुख्य विवरण जानकारी
परियोजना लागत ₹1,510 करोड़
कुल क्षेत्रफल 855-900 एकड़
संभावित शुरुआत अगस्त-सितंबर 2026
पूरा होने का समय कम से कम 2 साल
मुख्य आकर्षण 24 घंटे भ्रमण, ट्रामवे, 7D थिएटर
वन्यजीव प्रजातियां 54 से अधिक (बाघ, तेंदुआ, ज़ेबरा आदि)

सुप्रीम कोर्ट ने यह मंजूरी केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) और पर्यावरण मंत्रालय की शर्तों के पालन पर दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) समय-समय पर यहाँ का दौरा करेगी और तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। नाइट सफारी के निदेशक रामकुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद उच्च स्तरीय बैठक होगी और निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।