Lucknow में बनेगा देश का पहला Urban Night Safari, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी; जानें क्या होंगी शर्तें
UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में बनने वाली नाइट सफारी के रास्ते से अब कानूनी अड़चनें हट गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे अब शहर के लोगों को वन्यजीवों को क
UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में बनने वाली नाइट सफारी के रास्ते से अब कानूनी अड़चनें हट गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे अब शहर के लोगों को वन्यजीवों को करीब से देखने का एक नया और अनोखा अनुभव मिलेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल लखनऊ बल्कि पूरे भारत के लिए खास होगा क्योंकि इसे देश का पहला अर्बन नाइट सफारी बनाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह मंजूरी बुधवार, 15 जुलाई 2026 को दी। कोर्ट ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC), सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) और पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा तय की गई शर्तों के पालन के बाद ही आगे बढ़ेगा। जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि देश को विकास में रुकना नहीं चाहिए और विशेषज्ञों की देखरेख में सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएंगी।
इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को कई कड़े नियमों का पालन करना होगा। पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अब यहाँ कोई ‘एडवेंचर जोन’ या ट्राम सर्विस नहीं होगी और न ही लखनऊ चिड़ियाघर को यहाँ शिफ्ट किया जाएगा। जंगल के बीच से गुजरने वाली सड़क को केवल दो लेन तक ही चौड़ा किया जा सकता है, इसे फोर-लेन नहीं बनाया जाएगा।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य शर्तें और जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल प्रोजेक्ट एरिया | 855 एकड़ |
| ग्रीन कवर (हरियाली) | 610 एकड़ से ज्यादा (कुल का 71%) |
| पेड़ों की कटाई | अधिकतम 4,800 पेड़ कटेंगे, 877 शिफ्ट होंगे |
| वृक्षारोपण नियम | 1 पेड़ के बदले 10 नए पेड़ लगाने होंगे |
| अनुमानित लागत | लगभग 1,500 करोड़ रुपये |
| निगरानी | CEC हर तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगा |
यूपी सरकार की तरफ से एएसजी के.एम. नटराज ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दुनिया के चुनिंदा नाइट सफारी प्रोजेक्ट्स में से एक होगा। हालांकि, पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने पहले इस पर आपत्ति जताई थी कि इससे रिजर्व फॉरेस्ट को नुकसान होगा और यह केवल कमर्शियल टूरिज्म बनकर रह जाएगा। अब कोर्ट की निगरानी में यह काम पूरा होगा और किसी भी शर्त के उल्लंघन पर कोर्ट सख्त कार्रवाई करेगा।