Lucknow को तोहफ़ा, कुकरैल नाइट सफारी प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, जानें क्या होंगे नियम
Lucknow: लखनऊ के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में बनने वाली नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क परियोजना को सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने 15 जुलाई 2026 को इस प्रोजेक्ट को सशर्त मंजूरी दी, जिससे अब शहर में भारत की पहली श
Lucknow: लखनऊ के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में बनने वाली नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क परियोजना को सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने 15 जुलाई 2026 को इस प्रोजेक्ट को सशर्त मंजूरी दी, जिससे अब शहर में भारत की पहली शहरी नाइट सफारी बनाने का रास्ता साफ हो गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यटन को बढ़ाएगा बल्कि लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस प्रोजेक्ट के खिलाफ की गई आपत्तियों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चिड़ियाघर अब पुराने हो चुके हैं और विशेषज्ञों की मदद से पर्यावरण का ध्यान रखते हुए ऐसे प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि यूपी सरकार को पर्यावरण के सभी मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) को तीन महीने के भीतर साइट का दौरा कर रिपोर्ट देनी होगी कि शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 1510 करोड़ रुपये है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के लिए 631 करोड़ रुपये का बजट तय है और वन विभाग अगस्त में इसका शिलान्यास करने की तैयारी में है। सफारी का मुख्य द्वार गुफा जैसा होगा, जिसे पत्थर और लकड़ी से सजाया जाएगा। यहाँ टिकट की कीमत 500 से 1000 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। सामान्य दिनों में यहाँ रोजाना 4,000 और खास मौकों पर 8,000 लोग आ सकेंगे।
पर्यावरण को बचाने के लिए कोर्ट और CEC ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं, जिन्हें सरकार को मानना होगा:
| नियम/शर्त | विवरण |
|---|---|
| पेड़ों की कटाई | एक पेड़ काटने पर 10 नए पेड़ लगाने होंगे (1:10 अनुपात) |
| सड़क निर्माण | चार लेन की जगह अब केवल दो लेन का कॉरिडोर बनेगा |
| एडवेंचर जोन | नाइट सफारी में एडवेंचर जोन नहीं बनाया जाएगा |
| लाइटिंग और शोर | पशु-अनुकूल कम रोशनी और ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रोक रहेगी |
| लखनऊ चिड़ियाघर | नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान को यहाँ शिफ्ट नहीं किया जाएगा |
| निगरानी | एक विशेष समिति हर महीने निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी |
| जल संरक्षण | प्राकृतिक नालों और आर्द्रभूमि से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी |
कुकरैल सफारी पार्क के निदेशक राम कुमार के अनुसार, पहले चरण का काम दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है। यह प्रोजेक्ट विदेशी पर्यटकों को लखनऊ की ओर आकर्षित करेगा और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का एक नया केंद्र बनेगा।