Lucknow के खत्री परिवार ने 90 साल से संजोई शहीदों की यादें, तीन पीढ़ियों ने निभाया फर्ज

Lucknow/Lucknow: लखनऊ के एक छोटे से कमरे में भारत की आजादी की लड़ाई की अनमोल यादें सुरक्षित हैं। यहाँ का Ramakrishna Khatri परिवार पिछले 90 सालों से देश के शहीदों की विरासत को सहेजने में जुटा है। परिवार की तीन पीढ़ियां इ

Lucknow/Lucknow: लखनऊ के एक छोटे से कमरे में भारत की आजादी की लड़ाई की अनमोल यादें सुरक्षित हैं। यहाँ का Ramakrishna Khatri परिवार पिछले 90 सालों से देश के शहीदों की विरासत को सहेजने में जुटा है। परिवार की तीन पीढ़ियां इस काम में लगी हैं ताकि आने वाली पीढ़ी को पता चल सके कि आजादी के लिए किन लोगों ने कितनी बड़ी कुर्बानी दी थी।

इस मुहिम की शुरुआत क्रांतिकारी Ramakrishna Khatri ने की थी। उनका जन्म 3 मार्च 1902 को Maharashtra में हुआ था और उनका निधन 18 अक्टूबर 1996 को Lucknow में हुआ। वे Hindustan Prajatantra Sangh के अहम सदस्य थे और Kakori Conspiracy Case में उन्हें 10 साल की कड़ी सजा काटनी पड़ी थी। उन्होंने ‘Shaheedon Ki Chhaya Mein’ किताब लिखी और Kakori Shaheed Smriti बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

अब उनके बेटे Uday Khatri इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। वे ‘Shaheed Smriti Samaroh Samiti’ के जनरल सेक्रेटरी हैं, जिसकी स्थापना उनके पिता ने 1990 में लखनऊ में की थी। यह समिति हर साल स्कूलों में ‘शहीद दिवस’ मनाती है ताकि छात्रों को क्रांतिकारियों के संदेश से जोड़ा जा सके और उनमें देश सेवा की भावना पैदा हो।

वहीं सरकार भी शहीदों के सम्मान के लिए कदम उठा रही है। डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya ने 9 अगस्त 2026 को कहा था कि काकोरी के शहीदों का बलिदान एक अनमोल राष्ट्रीय धरोहर है। योगी सरकार ने पिछले साल स्मारकों के संरक्षण पर 7.12 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें लखनऊ, सीतापुर और फतेहपुर की साइट्स शामिल थीं। इसके अलावा, जून 2020 में यूपी सरकार ने शहीदों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी थी।

लखनऊ में ही 25 जुलाई 2023 को Jagjivan RPF Academy में एक नेशनल मार्टियर मेमोरियल और रेलवे सिक्योरिटी म्यूजियम भी खोला गया, जहाँ 1957 से शहीद हुए 1014 RPF जवानों के नाम दर्ज हैं।