UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के शताब्दी भवन फेज-2 में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। यहां अचानक लिफ्ट बीच में ही अटक गई, जिसमें मरीज, उनके परिजन और अस्पताल का स्टाफ करीब 12 मिनट तक फंसे रहे।
UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के शताब्दी भवन फेज-2 में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। यहां अचानक लिफ्ट बीच में ही अटक गई, जिसमें मरीज, उनके परिजन और अस्पताल का स्टाफ करीब 12 मिनट तक फंसे रहे। लिफ्ट बंद होते ही अंदर का पंखा भी रुक गया, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और घबराहट के कारण लिफ्ट के भीतर अफरा-तफरी मच गई।
लिफ्ट में फंसे लोगों को कैसे बाहर निकाला गया?
शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे जब लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुकी, तो उसमें मौजूद लोगों ने मदद के लिए इमरजेंसी बेल बजाने की कोशिश की, लेकिन वह भी खराब थी। लिफ्ट के अंदर कोई इमरजेंसी संपर्क नंबर भी नहीं लिखा था और न ही कोई लिफ्ट ऑपरेटर वहां तैनात था। बाहर मौजूद लोगों ने जब अंदर से आ रही आवाजों को सुना, तब जाकर अस्पताल की टेक्निकल टीम को इसकी खबर दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खोला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्पताल प्रशासन ने तकनीकी खराबी को बताया वजह
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी खामी की वजह से लिफ्ट अचानक रुक गई थी। उन्होंने कहा कि लिफ्ट को ठीक करने का काम किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी दिक्कत न आए। हालांकि, मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल के मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि मरम्मत के नाम पर भारी बजट खर्च होने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। पहले भी इस तरह की घटनाएं केजीएमयू परिसर में सामने आ चुकी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KGMU की यह घटना कब और कहां हुई?
यह घटना शुक्रवार, 8 मई 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे लखनऊ स्थित केजीएमयू के शताब्दी भवन फेज-2 में हुई।
लिफ्ट में खराबी के दौरान क्या समस्याएं पेश आईं?
लिफ्ट अटकने के बाद उसका पंखा और इमरजेंसी बेल दोनों ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे अंदर फंसे लोगों को घुटन और परेशानी महसूस हुई।