UP : लखनऊ के मलिहाबाद इलाके के कसमंडी कला गांव में एक पुराने ढांचे को लेकर मंदिर-मकबरा विवाद गहरा गया है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को जुमे की नमाज के लिए अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थि
UP : लखनऊ के मलिहाबाद इलाके के कसमंडी कला गांव में एक पुराने ढांचे को लेकर मंदिर-मकबरा विवाद गहरा गया है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को जुमे की नमाज के लिए अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
विवाद की मुख्य वजह क्या है और किसने क्या दावा किया?
पासी समाज और लाखन आर्मी का कहना है कि यह जगह 11वीं सदी के नागवंशी राजा कंसा पासी का किला था, जिसके अंदर एक प्राचीन शिव मंदिर था। उनका आरोप है कि पिछले कुछ सालों में यहां पक्की कब्रें बनाकर इसे मकबरे में बदल दिया गया है। दूसरी तरफ, मुस्लिम समुदाय का दावा है कि यह सदियों पुराना मकबरा है और वक्फ संपत्ति के तौर पर पंजीकृत है, जहां उनके पूर्वजों के समय से नमाज पढ़ी जा रही है।
नमाज के दौरान तनाव क्यों बढ़ा और पुलिस ने क्या एक्शन लिया?
सामान्य दिनों में यहां केवल 10-15 लोग नमाज पढ़ने आते थे, लेकिन शुक्रवार को करीब 200-210 लोग इकट्ठा हो गए। इसका पासी समाज ने कड़ा विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और PAC के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी समेत कुछ लोगों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
जिलाधिकारी (DM) विशाख जी ने सभी अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा है। प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष के स्थानीय मुतवल्लियों से बात की है ताकि केवल स्थानीय लोग ही नमाज में शामिल हों और कोई भड़काऊ बात न हो। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पासी समाज ने इस पूरे मामले की पुरातत्व विभाग से जांच कराने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कसमंडी कला विवाद का मुख्य कारण क्या है?
यह विवाद एक पुराने ढांचे को लेकर है। पासी समाज इसे राजा कंसा पासी का शिव मंदिर और किला बताता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे एक ऐतिहासिक वक्फ मकबरा मानता है।
प्रशासन ने तनाव कम करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
इलाके में भारी पुलिस बल और PAC तैनात की गई है। कुछ प्रमुख व्यक्तियों को नजरबंद किया गया है और स्थानीय मुतवल्लियों से केवल स्थानीय लोगों को ही नमाज में शामिल करने की बात कही गई है।