UP : लखनऊ के कसमंडी कला स्थित महाराजा कंस पासी किले पर विवाद गहरा गया है। हिंदू संगठनों ने यहाँ अवैध कब्जे और धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मौके पर कड़ी निगरानी ब
UP : लखनऊ के कसमंडी कला स्थित महाराजा कंस पासी किले पर विवाद गहरा गया है। हिंदू संगठनों ने यहाँ अवैध कब्जे और धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मौके पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है ताकि शांति बनी रहे।
किले पर क्या है विवाद और क्या हैं आरोप
पासी समाज का दावा है कि यह स्थल उनके पूर्वज महाराजा कंस पासी का किला और एक शिव मंदिर है। सुहेल देव आर्मी के अध्यक्ष योगेश पासी ने मलिहाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि मदरसा संचालक मौलाना जमील अहमद और एक मुस्लिम संस्था के लोग यहाँ अवैध कब्जा कर धार्मिक गतिविधियां कर रहे हैं। आरोप है कि यहाँ नट बिरादरी के 20 बच्चों का ‘कलमा’ पढ़ाकर धर्मांतरण कराने की कोशिश की गई। साथ ही यह भी कहा गया है कि यहाँ बिना मान्यता के ‘सुलेमानिया स्कूल’ नाम से मदरसा चलाया जा रहा है।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं
कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने किले के अंदर और आसपास किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि पर रोक लगा दी है। 26 मई 2026 को बकरीद के मौके पर भी यहाँ नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाई गई थी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों पक्षों का अपना-अपना दावा
जहाँ एक तरफ लाखन आर्मी के अध्यक्ष सूरज पासी ने सांसद आरके चौधरी को ज्ञापन सौंपकर किले और शिव मंदिर के संरक्षण की मांग की है, वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह स्थान सरकारी रिकॉर्ड में मस्जिद और मकबरे के रूप में दर्ज है और यहाँ लंबे समय से नमाज पढ़ी जा रही है। फिलहाल मामला पुलिस और प्रशासन की निगरानी में है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है कि कोर्ट के फैसले या समझौते तक कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कसमंडी कला किले पर विवाद की मुख्य वजह क्या है?
मुख्य विवाद स्थल के मालिकाना हक और पहचान को लेकर है। पासी समाज इसे महाराजा कंस पासी का किला और शिव मंदिर बताता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद और मकबरा बता रहा है।
धर्मांतरण के आरोपों में किन लोगों का नाम आया है?
सुहेल देव आर्मी की शिकायत के अनुसार, मदरसा संचालक मौलाना जमील अहमद और एक मुस्लिम संस्था के पदाधिकारियों पर नट बिरादरी के बच्चों का धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है।