UP में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क फिर टूटी, उन्नाव में बारिश के बाद गुणवत्ता पर उठे सवाल
UP/Unnao : लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। उन्नाव के पास बारिश के बाद सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई और गड्ढे हो गए। उद्घाटन के महज कुछ ही दिनों बाद सड़क की ऐसी हालत होने से आम
UP/Unnao : लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। उन्नाव के पास बारिश के बाद सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई और गड्ढे हो गए। उद्घाटन के महज कुछ ही दिनों बाद सड़क की ऐसी हालत होने से आम जनता और राहगीरों के बीच चिंता बढ़ गई है।
यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था। लेकिन उद्घाटन के करीब 12 से 14 दिनों के भीतर ही 26 जुलाई को उन्नाव के कोरारी इलाके में कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन की सड़क खराब होने लगी थी। ताजा मामला 30 जुलाई का है, जब भारी बारिश के बाद सड़क फिर क्षतिग्रस्त हो गई। खबर यह भी आई कि सड़क धंसने की वजह से एक ट्रक पलट गया, जिससे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क खराब होने के बाद मरम्मत का काम तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन आरोप लग रहे हैं कि स्थायी समाधान के बजाय केवल पैचवर्क या पैबंद लगाकर काम चलाया जा रहा है। इस बीच कुछ मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से रोकने की खबरें भी सामने आई हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पहले स्पष्ट किया था कि यह कोई संरचनात्मक खराबी नहीं थी, बल्कि बारिश के कारण डामर की ऊपरी परत में आई एक तकनीकी समस्या थी। हालांकि, NHAI ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया है। इन अधिकारियों को अगले दो साल तक किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर, परियोजना प्रबंधक वी. कुंडू और सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि नई सड़कों में बारिश के दौरान ऐसी छोटी-मोटी दिक्कतें आना सामान्य बात है और इन्हें जल्द ठीक कर लिया जाएगा। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी ने इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।