Lucknow-Kanpur Expressway पर टोल वसूली बंद, 4200 करोड़ के प्रोजेक्ट में मिलीं गंभीर खामियां
UP : लखनऊ और कानपुर के बीच चलने वाले एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों से टोल नहीं लिया जाएगा। उद्घाटन के महज 22 दिनों बाद NHAI ने टोल वसूली को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है। यह फैसला एक्सप्रेसवे के निर्माण में मिली बड़ी कम
UP : लखनऊ और कानपुर के बीच चलने वाले एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों से टोल नहीं लिया जाएगा। उद्घाटन के महज 22 दिनों बाद NHAI ने टोल वसूली को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है। यह फैसला एक्सप्रेसवे के निर्माण में मिली बड़ी कमियों और सड़क धंसने जैसी घटनाओं के बाद लिया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पाया कि 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता की भारी कमी थी। 13 जुलाई 2026 को उद्घाटन के बाद से सड़क कई जगहों पर खराब हुई। 26 जुलाई को 64 किमी के पास करीब 300 मीटर सड़क धंस गई थी। भारी बारिश के बाद डामर उखड़ने और दरारें आने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। NHAI ने साफ किया है कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्सों की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक टोल नहीं लिया जाएगा और इस नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी को करनी होगी।
इस लापरवाही के लिए NHAI ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। निर्माण कंपनी मेसर्स PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव है, जिससे कंपनी भविष्य में NHAI के प्रोजेक्ट्स से बाहर हो सकती है। कंपनी को 3 करोड़ रुपये के खर्च पर मरम्मत करने और प्रदर्शन सुरक्षा राशि के 2% जुर्माने का नोटिस दिया गया है। साथ ही, स्वतंत्र इंजीनियर मेसर्स थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी डिबारमेंट नोटिस मिला है।
प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिराई है। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटाकर उनके मूल विभाग भेज दिया गया है और उन पर आरोप पत्र जारी किया जा रहा है। पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को भी नोटिस दिया गया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया गया है और उन्हें दो साल के लिए MoRTH, NHAI और NHIDCL की परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सड़क की असल खराबी का पता लगाने के लिए आईआईटी खड़गपुर की एक विशेषज्ञ टीम प्रोफेसर के. एस. रेड्डी के नेतृत्व में निरीक्षण करेगी। यह टीम दो दिनों के भीतर जांच पूरी कर एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। फिलहाल प्रभावित हिस्सों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है और मरम्मत का काम 6 अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।