Lucknow-Kanpur Expressway पर नहीं लगेगा टोल, सड़क धंसने पर NHAI ने निर्माण कंपनी और अधिकारियों पर कसा शिकंजा
UP : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त फैसला लिया है। अब जब तक सड़क की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक
UP : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त फैसला लिया है। अब जब तक सड़क की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों से कोई टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
दरअसल, 26 जुलाई 2026 को एक्सप्रेस-वे के करीब 64 किलोमीटर निशान के पास दाहिनी ओर लगभग 300 मीटर सड़क धंस गई थी। यह एक्सप्रेस-वे 4700 करोड़ रुपये की भारी लागत से बना है, लेकिन इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी सड़क का धंसना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। NHAI के चीफ जनरल मैनेजर विशाल गौतम ने बताया कि टोल के रूप में होने वाले नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी से ही की जाएगी।
NHAI ने इस मामले में निर्माण कंपनी PNC Infratech Limited के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे वह भविष्य में NHAI के प्रोजेक्ट्स में बोली नहीं लगा पाएगी। साथ ही कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के 2% के बराबर जुर्माना लगाने की तैयारी है। सड़क की मरम्मत में करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका पूरा बोझ कंपनी को उठाना होगा।
इस लापरवाही के चलते कई अधिकारियों और इंजीनियरों पर गाज गिरी है। नीचे दी गई टेबल में देखें कि किन अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई है:
| नाम | पद | कार्रवाई |
|---|---|---|
| विवेक कुमार गुप्ता | परियोजना प्रबंधक (PNC Infratech) | हटाए गए और 2 साल के लिए प्रतिबंधित |
| सुरेंद्र कुमार | टीम लीडर (स्वतंत्र इंजीनियर) | हटाए गए और 2 साल के लिए प्रतिबंधित |
| यतेंद्र कुमार | रेजिडेंट इंजीनियर | हटाए गए और 2 साल के लिए प्रतिबंधित |
| नकुल प्रकाश वर्मा | परियोजना निदेशक | मूल विभाग में वापस भेजे गए |
| सौरभ चौरसिया | पूर्व परियोजना निदेशक | लापरवाही के लिए आरोप-पत्र की प्रक्रिया शुरू |
जांच के लिए IIT खड़गपुर की एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई है, जो एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी। फिलहाल ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है ताकि लोगों को परेशानी न हो। उम्मीद है कि 6 अगस्त 2026 तक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। अब इस एक्सप्रेस-वे की नई जिम्मेदारी बरेली की परियोजना निदेशक नवरत्न को सौंपी गई है।