Lucknow-Kanpur Expressway हुआ टोल फ्री, उद्घाटन के 13 दिन बाद ही सड़क धंसी; NHAI ने ठेकेदार पर की कड़ी कार्रवाई
UP/Lucknow : कानपुर और लखनऊ के बीच बने नए एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। 4,200 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह टोल फ्री हो गया है। उद्घाटन के महज 13 दिन बाद ही सड़क में बड़ी खामियां
UP/Lucknow : कानपुर और लखनऊ के बीच बने नए एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। 4,200 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह टोल फ्री हो गया है। उद्घाटन के महज 13 दिन बाद ही सड़क में बड़ी खामियां नजर आईं, जिसके बाद NHAI ने टोल टैक्स वसूली पर रोक लगा दी है। अब जब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो जाती और इसे सुरक्षित नहीं माना जाता, तब तक यात्रियों को टोल नहीं देना होगा।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। 14 जुलाई से यहां टोल लेना शुरू हुआ था, लेकिन 26 जुलाई को उन्नाव जिले के पास किलोमीटर 64 पर सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इस घटना के बाद सड़क की क्वालिटी पर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया पर इसके वीडियो वायरल होने लगे।
NHAI ने इस मामले में बहुत सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों और अधिकारियों पर गाज गिरी है। प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है और अगले दो साल तक उन्हें किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट में काम करने से रोक दिया गया है। वहीं, प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को वापस भेज दिया गया है और उनके साथ पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की जा रही है।
सड़क बनाने वाली कंपनी PNC Infratech के एमडी चक्रेश जैन का कहना है कि एक्सप्रेसवे की क्वालिटी अच्छी है, लेकिन बारिश का पानी अंदर रिसने की वजह से कुछ जगह गड्ढे बन गए हैं, जिन्हें जल्द ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि, NHAI इस कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की तैयारी में है, जिससे कंपनी भविष्य में नए प्रोजेक्ट्स की बोली नहीं लगा पाएगी।
इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए IIT Kharagpur की एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है। मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से खराब हिस्सों को दोबारा बनाया जा रहा है। यह पूरा खर्च ठेकेदार कंपनी को उठाना होगा और टोल की वजह से होने वाले नुकसान की वसूली भी उसी से की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रभावित हिस्सों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।