Lucknow-Kanpur Expressway पर गौवंशों का झुंड, कई वाहन हादसे से बचे; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। शनिवार, 9 अगस्त 2026 को एक्सप्रेसवे के किमी 51.1 के पास गौवंशों का एक झुंड मुख्य सड़क पर दौड़ता हुआ दिखा। इस वजह से कई वाहन चालकों
UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। शनिवार, 9 अगस्त 2026 को एक्सप्रेसवे के किमी 51.1 के पास गौवंशों का एक झुंड मुख्य सड़क पर दौड़ता हुआ दिखा। इस वजह से कई वाहन चालकों को अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े और वे एक बड़े हादसे से बाल-बाल बचे।
इस घटना के बाद राहगीरों ने एक्सप्रेसवे प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। लोगों ने मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर गश्त बढ़ाई जाए और मवेशियों को तुरंत हटाया जाए ताकि भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना को रोका जा सके।
बता दें कि आवारा पशुओं को हटाने के लिए 7 नवंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने भी कड़े निर्देश दिए थे। कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राजमार्ग गश्ती दल बनाने और पशुओं को आश्रय गृहों में रखने को कहा था। वहीं, NHAI ने 14 जनवरी 2026 को एक पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया था, जिसके तहत जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी रूट पर पशुओं की आवाजाही का अलर्ट दिया जा रहा है।
सुरक्षा के साथ-साथ एक्सप्रेसवे की सड़क गुणवत्ता को लेकर भी विवाद चल रहा है। सड़क धंसने और गड्ढों की समस्या के कारण NHAI ने निर्माण कंपनी M/S PNC Infratech Limited के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कंपनी को गैर-निष्पादक घोषित करने का प्रस्ताव दिया गया है और मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली निलंबित कर दी गई है। मरम्मत का करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च कंपनी खुद उठाएगी।
लापरवाही के चलते निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन अधिकारियों को हटा दिया गया है। सड़क की खराबी की सही वजह जानने के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई है। NHAI ने कुछ नुकसान के लिए जल निकासी की समस्या को जिम्मेदार बताया है।