UP में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे फिर धंसा, IIT-NIT की जांच से खुलेगा निर्माण में लापरवाही का राज

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बना नया एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद मुसीबत बनता नजर आ रहा है। 13 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर शनिवार को एक बार फिर सड़क धंसने की घटना हुई। अब इस मामले में NHAI ने सख्त रु

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बना नया एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद मुसीबत बनता नजर आ रहा है। 13 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर शनिवार को एक बार फिर सड़क धंसने की घटना हुई। अब इस मामले में NHAI ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दिए हैं और निर्माण कंपनी पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

एक्सप्रेसवे पर शनिवार को किलोमीटर 63.9 और 30.3 के पास सड़क धंस गई। इसके अलावा किलोमीटर 29.7 और 30.3 के बीच नई दरारें आने की वजह से करीब 1.5 किलोमीटर तक ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ा। बता दें कि 26 जुलाई को भी सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा धंस गया था। अगस्त के पहले हफ्ते में भी कई जगहों पर गड्ढे और दरारें देखी गईं। मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और रविवार सुबह तक इसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

सड़क की गुणवत्ता की गहराई से जांच के लिए चार कंपनियों को थर्ड पार्टी सर्वे का काम दिया गया है। इन कंपनियों ने आजाद चौक से लखनऊ एलिवेटेड पुल तक एक्सप्रेसवे में 61 छेद किए और मिट्टी, कंक्रीट और बिटुमिन के 122 सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों की लैब में जांच होगी। IIT खड़गपुर और NHAI की शुरुआती जांच में ड्रेनेज सिस्टम की खामियां और खराब अर्थवर्क सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी की परतों को सही तरीके से नहीं दबाया गया, जिससे बारिश का पानी जमा हुआ और सड़क धंसने लगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट में भारी लापरवाही बरतने के आरोप में NHAI ने कड़े कदम उठाए हैं। निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित कर दिया गया है और उसे भविष्य के टेंडरों से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही कंपनी की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी पर 2% जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।

हटाए गए अधिकारी पद कार्रवाई
विवेक कुमार गुप्ता प्रोजेक्ट मैनेजर (PNC इंफ्राटेक) परियोजना से हटाए गए और 2 साल का प्रतिबंध
सुरेंद्र कुमार टीम लीडर (इंडिपेंडेंट इंजीनियर) परियोजना से हटाए गए और 2 साल का प्रतिबंध
यतेंद्र कुमार रेसिडेंट इंजीनियर परियोजना से हटाए गए और 2 साल का प्रतिबंध

NHAI लखनऊ इकाई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि सात दिन में पूरी जांच रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। वहीं, टोल वसूली को मरम्मत कार्य पूरा होने तक पूरी तरह रोक दिया गया है। हालांकि PNC इंफ्राटेक ने दावा किया है कि बारिश की वजह से केवल 0.5% हिस्सा प्रभावित हुआ है, लेकिन जमीनी हालात और जांच रिपोर्ट कुछ और ही इशारा कर रही हैं।