Lucknow-Kanpur Expressway पर बस का सफर होगा महंगा, 18 रुपये बढ़ेगा किराया
UP: लखनऊ और कानपुर के बीच नए एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बसों से सफर करने वालों की जेब अब थोड़ी ज्यादा ढीली होगी। एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स ज्यादा होने की वजह से रोडवेज प्रशासन ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यात्रि
UP: लखनऊ और कानपुर के बीच नए एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बसों से सफर करने वालों की जेब अब थोड़ी ज्यादा ढीली होगी। एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स ज्यादा होने की वजह से रोडवेज प्रशासन ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यात्रियों को अब पहले के मुकाबले लगभग 18 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं।
बता दें कि लखनऊ से कानपुर के बीच नेशनल हाईवे के जरिए बस का किराया फिलहाल 137 रुपये है, जो एक्सप्रेसवे पर चलने के बाद बढ़कर करीब 155 रुपये होने की उम्मीद है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह NHAI द्वारा तय किया गया ऊंचा टोल शुल्क है। इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर एक बस को एक तरफ जाने के लिए 935 रुपये और 24 घंटे के भीतर वापसी के लिए 1,405 रुपये टोल देना होगा, जबकि पुराने नेशनल हाईवे पर यह शुल्क केवल 95 रुपये है।
UPSRTC के लखनऊ रीजनल मैनेजर विमल राजन ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बसों के संचालन के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और टोल के आधार पर किराया बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। हालांकि, नए किराए को लागू करने के लिए मुख्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। उम्मीद है कि 20 जुलाई 2026 से इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रस्तावित किराया वृद्धि | लगभग 18 रुपये |
| अनुमानित नया किराया | 155 रुपये (पुराना 137 रुपये) |
| एक्सप्रेसवे की लंबाई | 63 किलोमीटर |
| यात्रा का समय | 35 से 45 मिनट (पहले 2.5-3 घंटे) |
| बस संचालन तिथि | 20 जुलाई 2026 (संभावित) |
| टोल शुल्क (एक तरफ) | 935 रुपये (बस के लिए) |
यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया था। इस रूट पर साधारण, इलेक्ट्रिक और डबल-डेकर बसें चलाने की योजना है। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए CCTV और ATMS सिस्टम लगाया गया है, लेकिन यहां दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह मना है। टोल वसूली के लिए FASTag और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।