UP के Lucknow-Kanpur Expressway पर खुली पोल, उद्घाटन के 24 दिन में 84 जगह धंसी सड़क, टोल वसूली रुकी
UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करोड़ों की लागत और आधुनिक तकनीक के दावों के साथ बने इस एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू होते ही सड़क धंसने लगी है। उद्घाटन के महज 24 दिनों के भीतर ही इस सड़क प
UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करोड़ों की लागत और आधुनिक तकनीक के दावों के साथ बने इस एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू होते ही सड़क धंसने लगी है। उद्घाटन के महज 24 दिनों के भीतर ही इस सड़क पर कई जगहों पर गड्ढे और धंसाव देखा गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था और 14 जुलाई से इसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया था। सड़क धंसने की पहली समस्या 26 जुलाई को दिखी थी, लेकिन 6 अगस्त तक यह आंकड़ा बढ़कर 84 स्थानों तक पहुंच गया। हालत यह है कि करीब 30 प्रतिशत वाहन चालक अब इस एक्सप्रेसवे को छोड़कर वापस पुराने हाईवे का रास्ता अपना रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मामले में सख्त कदम उठाए हैं। मरम्मत का काम पूरा होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली तुरंत प्रभाव से रोक दी गई है। NHAI ने निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कंपनी को अगले दो साल तक किसी भी नई NHAI परियोजना में शामिल होने से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल धंसाव स्थान | 84 जगह |
| मरम्मत का अनुमानित खर्च | ₹3 करोड़ (PNC इंफ्राटेक वहन करेगा) |
| निर्माण कंपनी | PNC इंफ्राटेक लिमिटेड |
| जांच टीम | दिल्ली से 3 सदस्य और IIT खड़गपुर के प्रोफेसर |
| जांच तकनीक | लेजर प्रोफाइलोमीटर |
| भुगतान की स्थिति | निर्माण एजेंसी को अभी केवल 40% भुगतान हुआ है |
इस लापरवाही के चलते कई अधिकारियों पर गाज गिरी है। PNC इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता और दो इंजीनियरों को हटा दिया गया है। वहीं, स्वतंत्र इंजीनियर टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को भी हटाकर दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग भेज दिया गया है और पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोप-पत्र जारी करने की तैयारी है।
NHAI के चीफ जनरल मैनेजर विशाल गौतम ने बताया कि निर्माण में कमियां पाई गई हैं और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सड़क की सूक्ष्म खामियों का पता लगाने के लिए लेजर प्रोफाइलोमीटर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न आए।