UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क 20 दिन में 5 बार धंसी, महंगे टोल के कारण पुराने हाईवे पर लौटे 30% वाहन

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर को आसान बनाने के लिए बना नया एक्सप्रेसवे अब विवादों में घिर गया है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की खबरें आने लगीं, जिससे यात्रियों में डर और नाराजगी है। हालत यह है कि महंगे टोल और

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर को आसान बनाने के लिए बना नया एक्सप्रेसवे अब विवादों में घिर गया है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की खबरें आने लगीं, जिससे यात्रियों में डर और नाराजगी है। हालत यह है कि महंगे टोल और खराब सड़क की वजह से बड़ी संख्या में लोग वापस पुराने हाईवे का रास्ता चुनने लगे हैं।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसे नेशनल एक्सप्रेसवे 6 (NE-6) या अवध एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है। NHAI ने इसे करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया था। दावा किया गया था कि इसमें AIMGC तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, जिससे 10 साल तक सड़क पर कोई गड्ढा नहीं होगा। लेकिन हकीकत इसके उलट रही और 20 दिनों के भीतर ही सड़क पांच बार धंस चुकी है।

आम यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी टोल टैक्स और सड़क की गुणवत्ता है। पुराने हाईवे का टोल करीब 100 रुपये है, जबकि नए एक्सप्रेसवे पर यह 275 से 290 रुपये तक जा रहा है। इसी वजह से करीब 30% वाहन अब पुराने रास्ते से जा रहे हैं। पहले यहां रोजाना 22-24 हजार गाड़ियां चलती थीं, जो अब घटकर 18-20 हजार रह गई हैं।

विवरण जानकारी
कुल लंबाई 63 किलोमीटर
लागत ₹4,700 करोड़
टोल रेट ₹275-290 (नया) vs ₹100 (पुराना)
सड़क धंसने की घटना 20 दिन में 5 बार
वाहन गिरावट 30% वाहन पुराने हाईवे पर लौटे
स्पीड लिमिट 120 किमी/घंटा से घटाकर 100 किमी/घंटा करने पर विचार

NHAI ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और निर्माण की खराब गुणवत्ता के चलते तीन इंजीनियरों को हटा दिया गया है। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि उन्नाव के कुरारी के पास संपर्क मार्ग में तकनीकी खामी थी, जिसे अब नए सिरे से बनाया जाएगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सड़क की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल सरकार ने टोल माफी पर कोई आदेश नहीं दिया है।