Lucknow-Kanpur Expressway पर उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही खराब हुई सड़क, 6 जगहों पर दोबारा बिछाई जा रही परत
UP/Lucknow: देश की पहली AI-MC तकनीक से बनी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे के छह अलग-अलग स्थानों पर तारकोल की परत कमजोर मिली है, जिसके बाद NHAI
UP/Lucknow: देश की पहली AI-MC तकनीक से बनी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे के छह अलग-अलग स्थानों पर तारकोल की परत कमजोर मिली है, जिसके बाद NHAI को सड़क की ऊपरी परत उखाड़कर दोबारा बिछाने का काम करना पड़ रहा है।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था, लेकिन 27 जुलाई तक कानपुर से लखनऊ जाने वाले मार्ग पर उन्नाव एंट्री पॉइंट के पास सड़क की सतह में खराबी दिखने लगी थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उन्नाव के कुराड़ी गांव के पास सड़क में दरारें पड़ने और परत धंसने के वीडियो भी सामने आए थे। NHAI ने इन दावों को पूरी तरह सड़क धंसना नहीं माना है और इसे स्थानीय सतह स्लिपेज बताया है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के कारण यह समस्या आई और इसे ठीक करने के लिए निवारक रखरखाव किया गया है।
NHAI ने उन जगहों की पहचान की है जहाँ सड़क की परत कमजोर थी और वहाँ 50 से 100 मीटर तक का हिस्सा दोबारा बनाया गया है। प्रभावित जगहों का विवरण नीचे दिया गया है:
| स्थान/किलोमीटर | दिशा |
|---|---|
| किमी 72, 70, 68, 64 और 30.6 | कानपुर से लखनऊ की ओर |
| किमी 45.75 | लखनऊ से कानपुर की ओर |
NHAI के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे के मुख्य ढांचे या बेस में कोई खराबी नहीं है, केवल ऊपरी बिटुमिनस परत की मरम्मत की जा रही है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों को हटा दिया गया है, जिनमें दो स्वतंत्र पर्यवेक्षक इंजीनियर और एक निर्माण कंपनी का अधिकारी शामिल है। इन तीनों पर अगले दो साल तक किसी भी NHAI या सड़क परिवहन मंत्रालय की परियोजना में काम करने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही निर्माण एजेंसी PAC को भी दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
NHAI के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे 15 साल की दोष देयता अवधि (DLP) के दायरे में आता है, इसलिए इस मरम्मत का पूरा खर्च निर्माण कंपनी को ही उठाना होगा। अधिकारियों ने अब पूरे 63 किलोमीटर के हिस्से का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।