Lucknow-Kanpur Expressway का हिस्सा धंसा, NHAI ने शुरू की जांच; जानिए टोल टैक्स देना होगा या नहीं
UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क धंसने की खबर आई है। यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को ही शुरू हुआ था और एक महीने के अंदर ही इसमें तकनीकी खराबी सामने आई है। इस घटना के बाद अब लोग यह सवाल पूछ रहे हैं क
UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क धंसने की खबर आई है। यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को ही शुरू हुआ था और एक महीने के अंदर ही इसमें तकनीकी खराबी सामने आई है। इस घटना के बाद अब लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें इस रास्ते पर सफर के लिए टोल टैक्स देना होगा।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि यह समस्या उन्नाव जिले के कोरारी इलाके में एक ब्रिज के पास आई है। उन्होंने साफ किया कि यह कोई बड़ा गड्ढा या रोड केव-इन नहीं है, बल्कि ऊपरी सतह (wearing coat) में फिसलन हुई है। इस खराबी को ठीक करने के लिए कोरारी टोल प्लाजा के पास ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है और मरम्मत का काम दो दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर निर्माण एजेंसी के एक मेंटेनेंस इंजीनियर और दो इंडिपेंडेंट इंजीनियरों को निलंबित (debar) कर दिया गया है। एक जांच कमेटी भी बनाई गई है जो इस पूरे मामले की पड़ताल करेगी।
टोल टैक्स की बात करें तो 14 जुलाई 2026 से इस एक्सप्रेसवे पर वसूली शुरू हो गई थी। 28 जुलाई को टोल रेट बढ़ा दिए गए थे, जिसके बाद कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का किराया 275 रुपये से बढ़ाकर 285 रुपये कर दिया गया है। सड़क धंसने और ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद NHAI की तरफ से टोल टैक्स रोकने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, इसलिए फिलहाल टोल देना होगा।
प्रशासन ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे 15 साल के डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) के तहत आता है। इसका मतलब है कि सड़क की मरम्मत और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की है और इसके लिए NHAI को कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा।