Lucknow-Kanpur Expressway पर लोगों का भरोसा टूटा, 30% गाड़ियां फिर पुराने हाईवे पर लौटीं
UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बने नए एक्सप्रेसवे को लेकर आम जनता में नाराजगी है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और बार-बार मरम्मत के काम ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। हालत यह है कि करीब 30 प्रतिशत गाड़ियां अब इस
UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बने नए एक्सप्रेसवे को लेकर आम जनता में नाराजगी है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और बार-बार मरम्मत के काम ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। हालत यह है कि करीब 30 प्रतिशत गाड़ियां अब इस एक्सप्रेसवे को छोड़कर वापस पुराने हाईवे पर चलने लगी हैं।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था। 4200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बने इस रास्ते पर महज 20 दिनों के भीतर सड़क पांच बार धंसी है। हालांकि NHAI के अधिकारियों ने इसे स्ट्रक्चरल डैमेज नहीं बल्कि सतह की फिसलन बताया है, लेकिन सोशल मीडिया पर मरम्मत के वीडियो वायरल होने से निर्माण की क्वालिटी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लोगों की नाराजगी की एक बड़ी वजह यहां का महंगा टोल टैक्स भी है। चार पहिया वाहनों के लिए एक तरफ का टोल बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया गया है, जिसे देश के सबसे महंगे टोल में से एक माना जा रहा है। टोल की दरों में पहले 275 रुपये से शुरू होकर अब यह 290 रुपये तक पहुंच गया है।
NHAI ने पहले दावा किया था कि अगले 10 साल तक इस सड़क पर न तो गड्ढे होंगे और न ही सड़क धंसेगी। अब बार-बार खराबी आने के बाद NHAI ने जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले तीन इंजीनियरों, जिनमें एक प्रोजेक्ट मैनेजर भी शामिल है, उन्हें निलंबित कर दिया गया है और दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
| प्रमुख विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उद्घाटन तिथि | 13 जुलाई 2026 |
| कुल लागत | 4200 करोड़ रुपये से अधिक |
| टोल शुल्क (एक तरफ) | 290 रुपये |
| सड़क धंसने की घटनाएं | 20 दिन में 5 बार |
| निलंबित अधिकारी | 3 इंजीनियर |
| संभावित बदलाव | स्पीड लिमिट 120 से घटाकर 100 किमी/घंटा |
NHAI ने अब निर्माण एजेंसी PNC को पूरे 63 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे की जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से एक्सप्रेसवे की गति सीमा को 120 किमी/घंटा से घटाकर 100 किमी/घंटा करने पर भी विचार किया जा रहा है।