UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क उखड़ी, पंखों से सुखाने का वीडियो वायरल; NHAI ने रोकी टोल वसूली

UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क मरम्मत के दौरान बड़े-बड़े पंखों से सतह सुखाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो को शेयर करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। मामला तूल पकड़ते ह

UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क मरम्मत के दौरान बड़े-बड़े पंखों से सतह सुखाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो को शेयर करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। मामला तूल पकड़ते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाए हैं और मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद कर दी है।

यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को खुला था, लेकिन उद्घाटन के महज 20-22 दिनों के भीतर ही यह 5 से 8 जगहों पर खराब हो गया। सड़क धंसने और ऊपरी परत उखड़ने की खबरें सामने आईं, जिसकी जानकारी 26 जुलाई को मिल गई थी। NHAI के अधिकारियों का कहना है कि मानसून की वजह से नमी बढ़ी और जोड़ों से पानी अंदर गया, जिससे ऊपरी बिटुमिनस परत खराब हुई, हालांकि पुल की नींव सुरक्षित है।

इस लापरवाही पर NHAI ने बड़ा एक्शन लिया है। निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया है और उसे ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है, जिससे कंपनी ब्लैकलिस्ट हो सकती है। कंपनी को अब अपने खर्च पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत का काम करना होगा।

निगरानी में चूक के लिए तीन अधिकारियों—प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, सुरेंद्र कुमार और यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है और अगले दो साल तक किसी भी NHAI प्रोजेक्ट में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग भेज दिया गया है और पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोप-पत्र जारी किए जा रहे हैं।

सड़क की बारीकी से जांच के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है। साथ ही, लेज़र प्रोफिलोमीटर तकनीक का इस्तेमाल कर पूरे एक्सप्रेसवे की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। स्वतंत्र इंजीनियरिंग एजेंसी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी प्रतिबंध का नोटिस दिया गया है।