Lucknow-Kanpur Expressway पर फिर दिखी लापरवाही, टूटने लगे बैरियर और उखड़ने लगी सड़क

UP/Lucknow : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे पर लगे सुरक्षा बैरियर चटक कर टूटने लगे हैं और हाल ही में मरम्मत कराई गई सड़क फिर से उखड़ गई है। इस समस्या की

UP/Lucknow : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे पर लगे सुरक्षा बैरियर चटक कर टूटने लगे हैं और हाल ही में मरम्मत कराई गई सड़क फिर से उखड़ गई है। इस समस्या की वजह से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन में किलोमीटर 59.2 पर मरम्मत के बाद सड़क की ऊपरी परत फिर से उखड़ गई है। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे के ऊपर बने पुल पर किलोमीटर 55.5 के पास क्रैश बैरियर टूटे हुए पाए गए हैं। 12 अगस्त 2026 को लगभग 10 मीटर सड़क का हिस्सा फिर से धंस गया और पैचवर्क भी नाकाम रहा। स्थिति इतनी खराब थी कि मरम्मत कार्य के चलते भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई और उन्नाव के आजाद मार्ग व कोरोरी टोल प्लाजा के पास बड़े पत्थर लगा दिए गए ताकि सिर्फ कारें ही निकल सकें।

इस लापरवाही पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त रुख अपनाया है। 13 अगस्त 2026 को NHAI ने निर्माण एजेंसी PNC इंफ्राटेक, सलाहकार और परियोजना अधिकारियों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और लापरवाही बरतने वाले तीन इंजीनियरों को हटा दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए IIT खड़गपुर की एक विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है।

बता दें कि इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था और 14 जुलाई को इसे जनता के लिए खोला गया था। उद्घाटन के बाद से ही यहां खामियां सामने आ रही हैं। जुलाई और अगस्त के बीच करीब 45 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड खंड पर 45 जगहों पर गड्ढे और सड़क धंसने की खबरें आईं। 9 अगस्त को नई दरारें आने की वजह से 1.5 किलोमीटर तक ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा था। फिलहाल मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली बंद कर दी गई है और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी अगले 15 वर्षों तक कंसेशनेयर की होगी।