Lucknow-Kanpur Expressway की खुली पोल, एक महीने में 15 जगह धंसी सड़क, 82 स्थानों पर मिली खराबी

UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय सड़क बताकर पेश किया गया था, लेकिन उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही इसके दावे फेल हो गए हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और तारकोल उखड़ने लगा है, जिससे यात्रियों का सफर

UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय सड़क बताकर पेश किया गया था, लेकिन उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही इसके दावे फेल हो गए हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और तारकोल उखड़ने लगा है, जिससे यात्रियों का सफर मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की हालत और खराब हो गई है और अब यहां फिर से मरम्मत का काम चल रहा है।

63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था और 14 जुलाई से इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया था। लेकिन महज 31 दिनों के संचालन में इस सड़क पर 82 जगहों पर खराबी पाई गई है। सबसे पहले 26 जुलाई को कुरारी गांव के पास सड़क धंसी थी, जिसके बाद 10 अगस्त की बारिश में 10 और जगहों पर सड़क धंस गई। अब तक कुल 15 स्थानों पर सड़क धंसने और 24 से ज्यादा जगहों पर पानी के रिसाव यानी सीपेज की समस्या सामने आई है।

इस मामले में NHAI ने सख्त एक्शन लिया है। निर्माण की खराब गुणवत्ता के चलते तीन इंजीनियरों को हटा दिया गया है और उन्हें अगले दो साल तक किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट में काम करने से रोक दिया गया है। हटाए गए इंजीनियरों में प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, सुरेंद्र कुमार और यतेंद्र कुमार शामिल हैं। वहीं प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग भेज दिया गया है और उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है।

विवरण जानकारी
कुल खराबी वाले स्थान 82
सड़क धंसने के स्थान 15
सीपेज (पानी रिसाव) वाले स्थान 24 से ज्यादा
मरम्मत का कुल खर्च लगभग 3 करोड़ रुपये
निर्माण कंपनी PNC Infratech

NHAI ने निर्माण कंपनी PNC Infratech को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी मिट्टी में रिस गया, जिससे सड़क कमजोर हो गई। फिलहाल टोल वसूली रोक दी गई है और मरम्मत का पूरा खर्च कंपनी को उठाना होगा। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें भी वायरल हुई हैं जिनमें गीली सड़क को सुखाने के लिए औद्योगिक पंखे लगाए गए हैं। हालांकि, NHAI का कहना है कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित है और इसे तय मानकों के हिसाब से बनाया गया था। इस पूरे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।